गैंगस्टर विनय त्यागी मर्डर, शूटरों की नाराजगी या फिर पर्दे के पीछे कोई बड़ी साजिश, SIT खोलेगी राज।

देहरादून : उत्तराखंड और यूपी समेत कई प्रदेश में कुख्यात विनय त्यागी को बीती 24 दिसंबर को बदमाशों ने दिनदहाड़े पुलिस हिरासत में गोली मारी थी. गोली लगने के करीब तीन दिन विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में उपचार के दौरान मौत हो गई थी. विनय त्यागी हत्याकांड को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे है. विनय त्यागी की बहन ने इस हत्याकांड के पीछे 750 करोड़ रुपए की ब्लैक मनी भी बताई थी, जिसका राज विनय त्यागी जनता था. इसलिए इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया था. SIT की जांच कहा तक पहुंची, उसी के बारे में विस्तार से बताते हैं.SIT अपनी जांच में किन बिंदुओं को शामिल किया है. 750 करोड़ रुपए की ब्लैक मनी का सच क्या है? वहीं विनय त्यागी हत्याकांड में जिन दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, उनकी थ्योरी पर पुलिस को कितना विश्वास है और पुलिस की जांच में वो थ्योरी कितनी सटीक बैठ रही है।
कौन था विनय त्यागी: विनय त्यागी महज एक अपराधी नहीं बल्कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा सहित कई राज्यों में सक्रिय एक कुख्यात गैंगस्टर था. उसके खिलाफ 40 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें फिरौती, डकैती, रंगदारी, अवैध वसूली और हथियारों से जुड़े संगीन अपराध शामिल थे।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह लंबे समय से जेल में बंद था. हाल ही में उसे देहरादून से हरिद्वार जेल शिफ्ट किया गया था. 24 दिसंबर को पुलिस एक मामले में विनय त्यागी को लक्सर कोर्ट में पेशी पर ले जा रही थी, तभी लक्सर फ्लाईओवर पर पुलिस की गाड़ी जाम में फंस गई. इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी में बैठे विनय त्यागी पर ताबड़तोड़ फायरिंग. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे. वहीं विनय त्यागी भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
विनय त्यागी के साथ ही दफन हो गए कई राज: जिंदा होते हुए विनय त्यागी ज्यादा चर्चाओं में नहीं था, लेकिन मर्डर के बाद विनय त्यागी की हर जगह चर्चा हो रही है. पुलिस पर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है. आखिर कैसे दिनदहाड़े पुलिस सुरक्षा में गैंगस्टर को बदमाशों ने गोली मारी. वहीं बताया जा रहा है कि विनय त्यागी कई अपराधियों के बड़े राज जनता था, वो राज बाहर न आए इसीलिए विनय त्यागी की हत्या कराई है. ऐसे में अब कहा जा रहा है कि विनय त्यागी की मौत के साथ ही वो राज भी दफन हो गए, जो कई लोगों को हिला सकते है. SIT उनकी राज की परतें खोलने में लगी हुई है।
शिशुपाल नेगी को विनय त्यागी हत्याकांड के लिए गठित की गई SIT का प्रभारी बनाया गया है SIT प्रभारी शिशुपाल नेगी ने बताया कि विनय त्यागी हत्याकांड की जांच कई एंगल की जा रही है. कोर्ट से आरोपियों की रिमांड मिलने के बाद पूछताछ और तेज की जाएगी।
रुपए का विवाद बना हत्या की वजह?: SIT जांच में अब तक जो सबसे अहम बात सामने आई है, उसके आधार पर अभी तक ये ही कहा जा सकता है कि विनय त्यागी की हत्या रुपयों के विवाद में हुई है.जांच अधिकारियों के मुताबिक जिन दो शूटरों ने विनय त्यागी की हत्या की है, उन्होंने लंबे समय तक विनय त्यागी के लिए काम किया है. दोनों आरोपी, विनय त्यागी के साथ फिरौती, वसूली, डकैती और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे है, फिर भी बदले में विनय त्यागी ने दोनों आरोपियों को कुछ नहीं दिया था।
आरोपियों का विनय त्यागी पर 20 से 22 लाख रुपए बकाया था: पुलिस का दावा है कि करीब 20 से 22 लाख रुपये विनय त्यागी के पास आरोपियों का बकाया था. आरोपी जब भी विनय त्यागी से अपना हिस्सा में मांगते तो हर बार टालमटोल कर देते थे. इसीलिए दोनों शूटरों ने विनय त्यागी को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली. काफी समय से दोनों शूटर, विनय त्यागी की रेकी कर रहे थे. जैसे ही दोनों शूटरों को मौका मिला, उन्होंने विनय त्यागी को गोली मार दी।
दो आरोपी क्या कोई बड़ा नेटवर्क?: पुलिस ने भले ही विनय त्यागी के हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया हो, लेकिन अभी तक उनके पास से वो हथियार बरामद नहीं कर पाई, जिसे विनय त्यागी को गोली मारी गई थी. SIT का बड़ा फोकस उस हथियार (पिस्टल) को ढूंढना ही है.SIT प्रभारी शिशुपाल नेगी ने बताया कि आरोपियों के पास हथियार से कहां से आया था और वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने उसे कहां ठिकाने लगाया, इसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. इसके अलावा इस हत्याकांड में कोई और व्यक्ति या गिरोह तो शामिल नहीं है, उसकी भी जांच की जा रही है. कहीं किसी ने पर्दे के पीछे से तो विनय त्यागी की हत्या की साजिश नहीं रची. इसका पता करने के लिए पुलिस आरोपियों को रिकॉर्ड खंगालने में लगी हुई है. विनय त्यागी की हत्या से पहले आरोपी किस के संपर्क में थे, उसकी छानबीन चल रही है. वहीं ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का भी फोन रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे है।
दूसरे राज्यों की एजेंसियां भी अलर्ट: विनय त्यागी का आपराधिक नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था. ऐसे में उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा की पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां भी इस केस पर नजर बनाए हुए हैं. SIT प्रभारी के मुताबिक अन्य राज्यों में चल रही पुरानी जांचों से भी इनपुट लिया जा रहा है, ताकि हत्या के पीछे का पूरा नेटवर्क उजागर किया जा सके।
पुलिस यह भी साफ कर चुकी है कि अगर जरूरत पड़ी तो विनय त्यागी के परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जाएगी. परिवार की ओर से सामने आ रही बातों को जांच में शामिल किया जा सकता है, जिससे किसी भी संभावित साजिश को नजरअंदाज न किया जाए।
कोर्ट खुलने का इंतजार, फिर तेज होगी कार्रवाई: फिलहाल पुलिस कोर्ट खुलने का इंतजार कर रही है. जैसे ही रिमांड की अनुमति मिलेगी SIT आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी. हत्या के पीछे छिपे हर पहलू को सामने लाने का प्रयास करेगी।
गैंगस्टर विनय त्यागी की हत्या सिर्फ दो शूटरों की नाराजगी का नतीजा है या इसके पीछे किसी बड़े अपराध सिंडिकेट की साजिश. यह आने वाले दिनों में साफ होगा. लेकिन इतना तय है कि यह हत्याकांड उत्तराखंड में संगठित अपराध की जड़ों और जेल से चल रहे नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े करता है. अब सबकी निगाहें SIT की जांच पर टिकी हैं जो इस सनसनीखेज हत्याकांड की असली कहानी सामने लाएगी।



