
देहरादून। उत्तराखंड एससी-एसटी एम्प्लाइज फैडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेन्द्र सिंह बुटोइया ने चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान पर वेतन वृद्धि को स्थगित किए जाने को शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय शिक्षकों के मनोबल को गिराने वाला है और इससे शिक्षण समुदाय में व्यापक असंतोष है।
डॉ बुटोइया ने कहा कि शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों से अलग श्रेणी में रखा गया है। इसी कारण उन्हें एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) योजना का लाभ भी नहीं मिल पाता। शिक्षकों को पूरे सेवाकाल में केवल दो बार ही आर्थिक लाभ मिल पाता है, जबकि अधिकांश मामलों में 30 से 35 वर्ष की सेवा के बाद भी पदोन्नति का अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में चयन या प्रोन्नत वेतनमान पर मिलने वाली वेतन वृद्धि ही शिक्षकों के लिए एकमात्र आर्थिक प्रोत्साहन होती है।
इसे भी स्थगित किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण है। प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से मांग की कि इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए निर्णय की समीक्षा की जाए और शिक्षकों को चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान पर एक वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान किया जाए, ताकि उनके साथ न्याय हो सके और शिक्षकों का मनोबल बना रहे।
आपको बता दें कि कल ही सरकार ने यह निर्णय लिया है। जिसका समस्त शिक्षक समाज द्वारा विरोध किया जा रहा है।

