
चमोली : बदरीनाथ धाम के समीप स्थित माणा गांव के पास एक ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा हुआ है. इस दुर्घटना में सीमा सड़क संगठन (BRO) के ठेकेदार के तहत काम कर रहे 57 मजदूर मलबे में दब गए. अब तक 32 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है. शेष 25 मजदूर अभी भी फंसे हुये हैं. जिन्हें कल निकाला जाएगा. फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, माणा गांव में माणा पास हाईवे पर सड़क सुधारीकरण का काम हो रहा है. ये सभी मजदूर इसी कार्य के लिए यहां मौजूद थे. हादसे के वक्त सभी मजदूर कंटेनर्स के अंदर थे. ये कंटेनर मजदूरों के लिए बनाए गए हैं जो माणा पास एंट्री के पास हैं. भारी बर्फबारी के कारण सभी कंटेनर्स में ही मौजूद थे. मजदूरों के अलावा यहां मशीन ऑपरेटर्स भी हैं. हिमस्खलन होने पर कुछ लोग बाहर की ओर भागे जबकि बाकी अंदर ही फंस गए।
घटना की सूचना पर माणा गांव में कैंप कर रहे सेना व ITBP जवान तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हुए और रेस्क्यू का कार्य शुरू किया. वहीं, उत्तराखंड के सीएम धामी ने ग्लेशियर टूटने और उसके मलबे में मजदूरों के दबने पर दुख जताया है. उन्होंने भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की कामना की है.वहीं, पुलिस मुख्यालय की ओर से आईजी निलेश आनंद भरणे ने बताया कि, घटनास्थल के लिए तीन से चार एंबुलेंस भी भेजी गई हैं. हालांकि, पिछले दो-तीन दिनों से हो रही भारी बर्फबारी के कारण राहत दल को वहां पहुंचने में दिक्कतें हो रही है।

