बिहारराजनीति

पूर्व विधायक की पत्नी सहित 23 उम्मीदवारों का नामांकन रद्द।

नालंदा : नालंदा में राजद के बागी पूर्व विधायक की पत्नी सहित 23 उम्मीदवारों का नामांकन रद्द कर दिया गया है. ऐसे में पूर्व विधायक का गुस्सा नामांकन अधिकारी, एसडीओ और ऑव्जर्वर पर फूटा और उन्होंने प्रशानिक अमले पर भाजपाई होने का आरोप लगाया।

नालंदा नामांकन पत्रों की जांच का काम जारी : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में होने वाले नामांकन की प्रक्रिया का शोर थमने का बाद नामांकन पत्रों की जांच का काम जारी है है. नालंदा ज़िले के 7 विधानसभा क्षेत्र में 6 नवंबर को मतदान होना है. ऐसे में जिले में कुल सातों विधानसभा क्षेत्र से कुल 94 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था. जिनमें पूर्व राजद विधायक पप्पू खान उर्फ़ नौशाद उल नबी की पत्नी आफ़रीन सुल्ताना समेत 23 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द हो गया है।

आदेश पत्र में कुछ दस्तावेज पूर्ण नहीं होने पर नामांकन रद्द : पूर्व विधायक ने बताया कि उन्हें ये जानकारी दी जा रही है कि ECI द्वारा जारी आदेश पत्र की प्रतिलिपियों में कुछ दस्तावेज पूर्ण नहीं कर पाने की वजह नामांकन को रद्द हो गया है. इनमें 71 प्रत्याशी मैदान में हैं जबकि दो दिन नामांकन वापसी की तारीख बचे हैं. इनमें बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र से 8 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द हुआ अब 11 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है. जबकि राजगीर से 5, हिलसा एवं हरनौत से 3-3, और नालंदा एवं अस्थावां विधानसभा क्षेत्र से दो-दो प्रत्याशियों का नामांकन रद्द हुआ है।

प्रत्याशियों में आक्रोश : जिले के अस्थावां में 8 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. नालंदा में 10 प्रत्याशी, राजगीर में प्रत्याशी चुनावी मैदान में है. वहीं, इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र से सभी 13 उम्मीदवारों के नामांकन की प्रतिलिपियां सही पाई गई. बिहारशरीफ, हिलसा और हरनौत में 11-11 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. इस दौरान ज़िला प्रशासन द्वारा देर शाम तक आधिकारिक सूची जारी नहीं होने पर प्रत्याशियों में खासी नाराज़गी देखी गई।

पूर्व विधायक पप्पू खान ने प्रशासन पर लगाए कई आरोप: स्थानीय पूर्व विधायक पप्पू खान ने अनुमंडल पदाधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाया और कहा कि यह सब कुछ भाजपा के इशारों पर किया गया है. इसकी शिकायत हम आगे करेंगे।

“हमारी पत्नी निर्दलीय प्रत्याशी आफ़रीन सुल्ताना ने 17 अक्टूबर को नामांकन कराया था. 18 को सुबह स्क्रूटनी के लिए बुलाया गया था. इसके बाद नामांकन रद्द कर दिया गया.” -पप्पू खान, पूर्व विधायक।

अनुमंडलीय अधिकारी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद : राजद के पूर्व विधायक ने कहा कि लेकिन जब मेरी पत्नी निर्दलीय प्रत्याशी आफ़रीन सुल्ताना जब यहां पहुंची तो उन्हें सुरक्षा अधिकारियों के द्वारा अंदर नहीं जाने दिया गया और अब तक उन्हें अंदर नहीं बुलाया गया. जबकि सुबह 10 बजे से वो यहां मौजूद हैं. जबकि अनुमंडलीय अधिकारी नीतिन वैभव काजले का कहना है कि ये आरोप बेबुनियाद है और सभी को माइक से अनाउन्स कर बुलाया गया है।

“पूर्व विधायक के द्वारा जिस प्रकार से आरोप लगाये जा रहे हैं, वह बेबुनियाद है. सभी को माइकिंग कर अंदर बुलाया गया था.” -नीतिन वैभव काजले, अनुमंडलीय अधिकारी।

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