
देहरादून : तीन नामपंथी पार्टियों- भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) की संयुक्त बैठक आज माकपा राज्य कार्यालय, पूर्णचंद्र स्मृति भवन, न्यू गांधी ग्राम में हुई.
बैठक में वाम नेताओं ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस बयान की तीव्र भर्त्सना की, जिसमें मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अर्बन नक्सल और जेहादी मानसिकता का खतरा बताया. वाम नेताओं ने कहा कि मुख्यमन्त्री पेपर लीक,भ्रष्टाचार, आपदा प्रबंधन में अपनी विफलता की छुपाने के लिए अर्बन नक्सल का फर्जी हब्वा खड़ा कर रहे हैं और बार-बार जेहाद शब्द का प्रयोग वे साम्प्रदायिक घृणा का प्रसार करने के लिए करते हैं. यह निंदनीय है कि संवैधानिक पद पर बैठ कर वे लगातार असंवैधानिक और घृणा का प्रसार करने वाली भाषा का प्रयोग करते हैं. वाम नेताओं ने कहा कि अपनी पार्टी के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष से उबरने के लिए मुख्यमंत्री इस तरह की भड़काऊ भाषा का प्रयोग कर रहे हैं.
बैठर में वाम नेताओं ने चौखुटिया में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए चल रहे आंदोलन का समर्थन किया. वाम नेताओं ने कहा पूरे उत्तराखंड में और खास तौर पर पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बेहद जर्जर है. अधिकांश अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बने हुए हैं. उत्तराखंड सरकार को चौखुटिया के आंदोलनकारियों की मांग तत्काल पूरी करनी चाहिए और साथ ही पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए ठोस उपाय करने चाहिए.
वाम नेताओं ने हल्द्वानी के नजदीक बागजाला में भूमि के मालिकाना अधिकार समेत अन्य मांगों के लिए लगभग दो महीने से अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में आंदोलनरत ग्रामीणों के आंदोलन का समर्थन किया और ग्रामीणों की न्यायोचित मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. वाम नेताओं ने कहा कि बुलडोजर से लोगों को उजाड़ने के बजाय सरकार को लोगों को भूमि का मालिकाना अधिकार देना चाहिए.
वाम नेताओं ने गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थन किया.
बैठक में भाकपा के पूर्व राज्य सचिव कॉमरेड समर भंडारी, माकपा के राज्य सचिव कॉमरेड राजेंद्र पुरोहित, भाकपा (माले) के राज्य सचिव कॉमरेड इन्द्रेश मैखुरी आदि शामिल थे.

