दुर्गा प्रतिमा विसर्जन करते समय नदी में 7 युवक डूबे, एक को बचाया गया।

आगरा : जिले के खेरागढ़ थाना क्षेत्र स्थित गांव डूंगरवाला में गुरुवार दोपहर उंटगन नदी पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया. दुर्गा प्रतिमा विसर्जित करने नदी में उतरे 7 लड़के डूब गए. जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
इस दौरान भोला नाम का युवक से नदी से बाहर निकाल लिया गया है. जबकि नदी में डूबे 6 अन्य लापता है. परिजन नदी में दुर्गा प्रतिमा के सामने सभी की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं. वहीं, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
खेरागढ़ थाना पुलिस के मुताबिक, गांव डूंगरवाला में स्थित उंटगन नदी में सुबह से दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है. यहां पर महिला और पुरुषों की भीड़ लगी है. इसी बीच दोपहर करीब ढाई बजे एक दुर्गा प्रतिमा को लेकर कुछ युवक गए. दुर्गा प्रतिमा विर्सजन के दौरान अचानक नदी में कई लड़के डूबने लगे. यह देखकर बाकी के साथी दुर्गा प्रतिमा छोड़कर बाहर आ गए. नदी के तेज बहाव में सात युवक नदी में डूबे और बह गए. जिससे चीख पुकार मच गई. वहीं सूचना मिलते ही पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
निर्धारित स्थान पर प्रतिमा का नहीं किया विसर्जनः डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए उंटगन नदी पुल के नीचे स्थान बनाया था. जहां पर ही लोग दुर्गा प्रतिमा विसर्जित कर रहे हैं. कुछ लोग जब दुर्गा प्रतिमा को नदी की बीच धार में विसर्जित करने जा रहे थे तो पुलिस ने रोक दिया।
जिस पर लोगों ने कैला देवी जाने की बात कहकर वहां पर दुर्गा प्रतिमा बिना विसर्जित किए लौट गए. रास्ते में गांव डूंगरवाला स्थित नदी किनारे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन करने के दौरान हादसा हुआ. जिसमें सचिन महावीर (15) पुत्र रामवीर सिंह, ओके (18) पुत्र किशन सिंह, भगवती (20) पुत्र मुरारीलाल, हरेश (20) पुत्र यादव, गगन और ओमपाल लापता का अभी तक नदी में पता नहीं हैं. जिनकी तलाश में रेस्क्यू आपरेशन चलाया जा रहा है. एक युवक को बचा लिया है।
उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.जिस प्रतिमा का विसर्जन, उसके सामने रोते रहे परिजनः वहीं, नदी में दुर्गा प्रतिमा विर्जन के दौरान हादसा हुआ है. इसके बाद युवकों के नदी में डूबने पर परिजन उसी प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर सभी की सलामती के लिए प्रार्थना करने लगे. जिस पर पुलिस ने महिला और पुरुष को नदी से बाहर निकाला।



