
देहरादून/लक्सर: उत्तराखंड में यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार खालिद मलिक की लगातार मुसीबत बढ़ती जा रही है. खालिद की गिरफ्तारी के बाद आज उसकी दुकान पर बुलडोजर कार्रवाई हुई है. भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंच कर खालिद एवं उसके परिवार के अवैध निर्माण को ध्वस्त किया है।
बता दें कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक का मामला सुर्खियों में है. तमाम युवा सड़कों पर है. युवा पूरे मामले की सीबीआई जांच और परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने की मांग कर रहे हैं. उधर, मामले में पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ भी एक्शन जारी है. इसी कड़ी में पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी खालिद मलिक और उसके परिवार से जुड़े अवैध कब्जे पर भी बड़ा एक्शन लिया गया है.
खालिद मलिक के गांव सुल्तानपुर पहुंचा बुलडोजर: दरअसल, आज यानी 25 सितंबर को लक्सर एसडीएम सौरभ असवाल और एसपी देहात शेखर सुयाल की अगुवाई में राजस्व विभाग टीम व पुलिस बल लक्सर के सुल्तानपुर गांव पहुंचा. सुल्तानपुर पेपर लीक के आरोपी खालिद मलिक का गांव है. जहां सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया. प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वो आरोपी का परिवार ही क्यों न हो.
क्या बोले एसडीएम सौरभ असवाल? वहीं, लक्सर एसडीएम सौरभ असवाल ने बताया कि अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है. जिसके तहत सुल्तानपुर अली चौक और अन्य जगह पर अवैध निर्माणों को हटाया गया है. हमें इसकी जानकारी नहीं है कि अतिक्रमण किसका था, लेकिन बाद में पता चला कि एक निर्माणाधीन दुकान खालिद की भी थी. जिस पर निर्माण हो रहा था, उसे भी हटाया गया है।
चेहरा या व्यक्ति देखकर नहीं हो रही कार्रवाई: इसके साथ ही उसके परिवार की कुछ दुकान थी. उन्होंने कहा कि हम चेहरा या व्यक्ति देख कर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. जिसने भी गलत तरीके से निर्माण किया है, उसके ऊपर कार्रवाई की जाएगी और वो लगातार जारी है. बताया जा रहा है कि प्रशासन की टीम पीडब्ल्यूडी की जमीन पर खालिद के चाचा मुन्ना हसन की ओर से की गई दुकान के अतिक्रमण को बुलडोजर से ध्वस्त करने के लिए पहुंची थी।
खालिद के पिता के खिलाफ बिजली चोरी का दर्ज हो चुका मुकदमा: इस दौरान सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस फोर्स भी तैनात रही. इससे पहले खालिद के पिता के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है. उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साफतौर पर कहना है कि नकल मामले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. इसके बाद ही खालिद के घर के पास यह बुलडोजर कार्रवाई की गई. हालांकि, प्रशासन के अधिकारी इसे केवल अतिक्रमण के खिलाफ रूटीन कार्रवाई बता रहे है।
“यह कार्रवाई अतिक्रमण के खिलाफ नियमित रूप से की गई है. किसी विशेष मामले से इसका कोई संबंध नहीं है.” – सौरभ असवाल, एसडीएम, लक्सर।
बता दें कि खालिद मलिक वही शख्स है, जिस पर पेपर लीक करने का आरोप है. उसी ने एग्जाम के दिन कुछ सवाल आउट किए थे. जिस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. उसके साथ उसकी बहन को भी गिरफ्तार किया है. उत्तराखंड में लगातार उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, जो इस मामले से जुड़े हैं. अभी तक सेक्टर मजिस्ट्रेट केएन तिवारी, असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन के साथ दो पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया जा चुका है।

