दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 7 सफाई कर्मचारियों की मौत, 4 गंभीर रूप से घायल।

नूंह : शनिवार सुबह करीब 10 बजे दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसा हो गया. नूंह के इब्राहिम बास गांव के पास पिकअप बेकाबू हो गई और सड़क पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों को कुचल दिया. इस हादसे में 6 महिलाओं समेत सात सफाई कर्मचारी की मौत हो गई. जबकि चार इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हैं. मरने वाली सभी 6 महिलाएं नूंह के खेड़ी कलां गांव की रहने वाली थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचा और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अल आफिया सामान्य अस्पताल मांडीखेड़ा की मोर्चरी में रखवाया।
मरने वालों में चार एक ही परिवार के रहने वाले: मरने वालों की पहचान प्रेम (65 साल), रेशम (उम्र 65), पिस्ता (35 वर्ष), जयदेई (उम्र 45), रचना (उम्र 35), सतनवती (उम्र 28) के रूप में हुई है. प्रेम, रेशम, पिस्ता तथा जयदेई एक ही परिवार के सदस्य थे. इनका आपस में सास, बहू, देवरानी व जेठानी का रिश्ता था. सभी महिलाएं एक ही गांव और मोहल्ले से ताल्लुक रखती थी. इस घटना के बाद गांव में ही नहीं बल्कि इलाके में मातम पसरा है।
विधायक मामन खान ने जताया दुख: घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक मामन खान इंजीनियर पीड़ित परिजनों से मिलने के लिए अल आफिया सामान्य अस्पताल मांडीखेड़ा पहुंचे और उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि तेज रफ्तार की वजह से हादसा हुआ है. नूंह जिले के अन्य मार्गों पर भी वाहनों की संख्या अधिक है और सड़क की चौड़ाई कम है. जिसके चलते लगातार हादसे हो रहे हैं. सरकार से कई बार इस मामले को लेकर मांग भी उठाई गई है. फिर से इस मुद्दे पर सरकार से बात की जाएगी।
ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग: दूसरी तरफ ग्रामीणों ने कहा कि सभी गरीब परिवार से महिलाएं ताल्लुक रखती थी. एनएचएआई के ठेकेदार के द्वारा तकरीबन 1 साल से सभी महिलाएं दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर पेड़ों में पानी डालने, घास की नलाई करने तथा पेड़ों की छंगाई करने का काम करती थी. ग्रामीणों ने सरकार से इन गरीब परिवारों की आर्थिक मदद करने की मांग की है. हादसे को अंजाम देने के बाद पिकअप चालक पिकअप को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया. पुलिस अब अज्ञात पिकअप चालक की तलाश में जुट गई है।
