23 लाख के इनामी 9 हार्डकोर माओवादियों का सरेंडर।

बीजापुर : माओवादियों की सबसे सशक्त बटालियन पीएलजीए बटालियन के 9 माओवादियों ने सरेंडर किया है. बीजापुर पुलिस के मुताबिक आत्मसमर्पित माओवादियों ने छत्तीसगढ़ सरकार की पुर्नवास नीति से प्रभावित होकर यह फैसला लिया है।
कई खूंखार नक्सलियों का सरेंडर: लक्ष्मी माड़वी,पुल्ली ईरपा,भीमे मड़कम,रमेश कारम टॉप माओवादी हिड़मा के सहयोगी हैं, जो विभिन्न माओवादी गतिविधियों में शामिल थे. वहीं अन्य पांच हुंगा मंडावी,रामा पुनेम,देवा मडकम,रामलू भंडारी व सिंगा मंडावी भी माओवादी गतिविधियों में शामिल रहे हैं.
सरेंडर माओवादियों के बारे में जानिए: जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया है. उसमें कुल 23 लाख के इनामी नक्सली हैं. यह बड़े बड़े नक्सलियों के साथ काम कर कई बड़े नक्सल वारदात को अंजाम दे चुके हैं.
नक्सली लक्ष्मी माड़वी ऊर्फ खुटो की उम्र 18 वर्ष है. वह पीएलजीए बटालियन नम्बर 01 की सदस्या है. उसके ऊपर 8 लाख रुपये का इनाम है. साल 2015 से वह नक्सल संगठन में सक्रिय थी.
नक्सली नपुल्ली ईरपा ऊर्फ तारा की उम्र 20 वर्ष है. वह एसीएम (AOB डिवीजन) सदस्य है. उसके ऊपर 5 लाख रुपये का इनाम है. वह नक्सल संगठन में साल 2013 से सक्रिय थी।
नक्सली भीमे मड़कम की उम्र 24 साल है. उसके ऊपर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
नक्सली रमेश कारम की उम्र 24 साल है. वह एसीएम दक्षिण सब जोनल ब्यूरो डॉक्टर टीम के सदस्य हैं. इसके उपर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
नक्सली सिंगा माड़वी की उम्र 19 वर्ष है. वह धरमावरम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून ए सेक्शन का सदस्य है. वह साल 2019 से नक्सल संगठन में सक्रिय था।
नक्सली रामलू भण्डारी ऊर्फ रामू की उम्र 27 वर्ष है. वह मारूड़बाका आरपीसी सीएनएम उपाध्यक्ष है. वह वर्ष 2017 से नक्सल संगठन में सक्रिय था।
नक्सली देवा मड़कम ऊर्फ मधु की उम्र 32 वर्ष है. वह धरमावरम आरपीसी जनताना सरकार का सदस्य है. वह साल 2016 से सक्रिय था.
नक्सली रामा पूनेम ऊर्फ टक्का की उम्र 30 साल है. वह मिलिशिया सदस्य है. वह साल 2004 से सक्रिय था
नक्सली हुंगा माड़वी ऊर्फ कटटी, वह साल 2016 से नक्सल संगठन में सक्रिय था।
किन घटनाओं में शामिल रहे हैं नक्सली?: सरेंडर करने वाले नक्सली किन घटनाओं में शामिल रहे हैं उसकी जानकारी कुछ इस प्रकार है।
महिला नक्सली लक्ष्मी: जनवरी 2024 में हिड़मा के साथ धर्मावरम कैंप पर हमले में शामिल रही।
नक्सली पुल्ली ईरपा उर्फ तारा: मई 2020 में ओडिशा के मलकानगिरी जिले के ग्रााम कालीगुड़ा के जंगल में हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ में शामिल थी।
जुलाई 2020 में जिला सुकमा के कांगेरघाटी के जंगल में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में शामिल थी।
फरवरी 2020 में ओडिशा के मलकानगिरी जिले के ग्राम मेटागुड़ा के जंगल में हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में शामिल थी।
नक्सली भीमे मड़कम: साल 2017 चिंतागुफा घटना में शामिल थी. इसमें 25 जवान शहीद हुए और 02 माओवादी सदस्य मारे गये थे.
भीमे मड़कम साल 2020 में ग्राम मिनपा की घटना में भी शामिल थी. जिसमें 17 जवान शहीद हुए थे।
भीमे मड़कम 3 अप्रैल 2021 की टेकलगुड़म नक्सल मुठभेड़ की घटना में भी शामिल थी. इसमें 22 जवान शहीद हुए थे. एक जवान का अपहरण हुआ था।
भीमे मड़कम 12 फरवरी 2022 की घटना में भी शामिल थी. इसमें 1 जवान शहीद हुआ था।
नक्सली रमेश कारम: मई 2017 की थाना मिरतुर नक्सल अटैक में शामिल थे. इसमें 3 जवान शहीद हुए थे।
नक्सली रमेश कारम: 03 अप्रैल 2021 में बटालियन नं 01 के कमांडर माड़वी हिड़मा के नेतृत्व में ग्राम टेकलगुड़ा में हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ में शामिल था, जिसमें 22 जवान शहीद हुए थे. इसमें 07 माओवादी मारे गए थे।
नक्सली रमेश कारम फरवरी 2020 की एर्रापल्ली की घटना में भी शामिल था. इसमें 5 जवान शहीद हुए थे. इस हमले में 300 से 500 नक्सलियों ने हमला किया था।
इसके अलावा नक्सली सिंगा माड़वी, रामलू भण्डारी, देवा मड़कम उर्फ मधु, नक्सली रामा पुनेम उर्फ टक्का और हुंगा माड़वी कई नक्सल वारदात में शामिल रहे हैं. इसमें स्पाइक होल, गड्डा खोदना और आईईडी प्लांट करने जैसी घटनाओं में शामिल रहे है।
PLGA को लगा झटका: नक्सल संगठन के 9 हार्डकोर नक्सलियों के सरेंडर से लाल आतंक को बड़ा झटका लगा है. ये सभी नक्सली टीम के सदस्य थे. इनके सरेंडर से सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. ऐसे में संभव है कि नक्सलियों की कई गोपनीय जानकारी इनके माध्यम से लग सकती है।



