
देहरादून : अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशीला खत्री के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से उनके आवास पर मुलाकात की, प्रदेश अध्यक्षों ने महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री बनाए जाने पर बधाई देते हुए मंत्री को अपना ज्ञापन सौंपा।
जिन राज्यों में मिनी आंगनवाड़ी का उच्चीकरण की अनुमति भारत सरकार से दी गई थी उसका आभार व्यक्त किया और मंत्री को बताया गया 6 वर्षों से केंद्र सरकार ने मानदेय वृद्धि नहीं की है, साथ ही श्रम कानून के तहत मिलने वाले लाभ जैसे ग्रेविटी पेंशन भविष्य निधि और स्वास्थ्य सुविधा का लाभ भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नहीं दिया जा रहा है।
प्रदेश स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है, मंत्री को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका मानदेय कर्मचारी नहीं बल्कि वह सरकार के कर्मचारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिनांक 25 अप्रैल 2022 के फैसले के तहत आंगनबाड़ी और सहायिका को ग्रेविटी भुगतान अधिनियम के प्रावधान के अनुसार ग्रेच्युटी पाने का हकदार बताया है लेकिन 2 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राज्यो की सरकारो ने उसे किसी राज्य में लागू नहीं किया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवहेलना है, साथ ही मंत्री से अनुरोध किया गया की रिटायरमेंट पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कम से कम 10 लाख रुपए रिटायरमेंट धनराशि दिए जाने पर विचार किया जाए ताकि रिटायरमेंट के बाद वे अपना जीवन यापन आराम से कर सके, इसलिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी के समस्त सदस्यों ने महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भारत सरकार से अनुरोध किया है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों को पूरा करें।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने उत्तर प्रदेश के सांसद जगदंबिका पाल से भी मुलाकात की, और उनको भी अपना ज्ञापन सोपा।
इस दौरान मुलाकात करने वाले में सुशीला खत्री उत्तराखंड, सुभद्रा ठाकुर हिमाचल प्रदेश, संध्या रानी महाराष्ट्र, गीता देवी बिहार, चंपा बेन गुजरात, निधि शर्मा मध्य प्रदेश, अशोक कुमार झारखंड सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

