
देहरादून : राजनैतिक दलों तथा सामाजिक संगठनों ने आज उत्तराखण्ड में नियामक आयोग द्वारा बिजली बिलों की बढोतरी के खिलाफ जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया तथा जनहित में उक्त फैसले पर रोक लगाने की मांग की, ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी क्लक्ट्रैट ने लिया तथा आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया ।
ज्ञापन सीपीआई ,सीपीएम ,राष्ट्रीय उत्तराखण्ड पार्टी ,इफ्टा ,एटक ,पहाड़ी पार्टी , जेडीएस ,सीआईटीयू ,स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ,जनवादी महिला समिति ,किसान सभा ,उत्तराखण्ड आन्दोलन कारी संयुक्त परिषद, उत्तराखण्ड पीपुल्स फ्रन्ट ,भारत सेवक समाज,एस एफ आई ,एआईएलयू आदि संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे ।
ज्ञापन…….
उत्तराखण्ड जो ऊर्जा प्रदेश कहलाता आया है ,ऊर्जा उपभोक्ताओं से निरन्तर मूल्यवृद्धि कर उनसे हर महीने अतिरिक्त विल बसूली कर उनका शोषण किया जा रहा है,गत् तीन चार महीने में फ्यूल एवं परचेजिंग के नाम से पहले ही हर माह 21 पैसे से लेकर 36 पैसे से प्रति यूनिट अतिरिक्त लिया जा चुका है ।समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि नियामक आयोग जो बिधुत उपभोक्ताओं के हितों के लिऐ बनाया गया था, की भूमिका काफी समय से उपभोक्ताओं के खिलाफ जा रहा है ,ऐसा लग रहा है कि राज्य के लिए नहीं बल्कि केंद्र की नीतियों के कार्य कर रहा है ,यह संज्ञान में आया है कि जनवरी माह में ऊर्जा निगम विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिऐ 23 से 55 पैसे माह बृध्दि होगी ,यह भी संज्ञान में आया है कि मूल्यवृद्धि हर माह होगी तब उपभोक्ताओं को नियामक आयोग जैसी स्वायत्त संस्था की उपभोक्ताओं को आवश्यकता नहीं रहेगी ।नियामक आयोग एवं ऊर्जा निगम करोड़ों रूपये के बकायेदारों पर चुप्पी साधे हुऐ है।
केन्द्रीय व्यवस्था के तहत नये दरें निम्नलिखित है :-
बीपीएल परिवारों के लिऐ प्रति यूनिट 15,घरेलू उपभोक्ताओं के लिऐ 38 पैंसे ,सरकारी संस्थानों के लिऐ 52 पैसे ,वाणिज्य 55 पैसे ,नीजि टूय्बवैल 16 पैसे ,कृषि 23 पैसे ,उधोगों के लिऐ 49से 51 पैसे, इलेक्ट्रिक वैकिल चार्ज के 45 पैसे प्रति यूनिट प्रत्येक माह बृध्दि होगी ।
अत: राज्य सरकार के मुखिया होने के नाते आपसे बिनम्र अनुरोध है कि कृपया नियामक आयोग एवं ऊर्जा निगम के उक्त मूल्य बृध्दि के जनविरोधी फैसले पर रोक लगाने के निर्देश जारी करने की कृपा करें ।
ज्ञापन देने वालों में सीपीआई के नेता समर भण्डारी ,सीपीएम के नेता अनन्त आकाश ,राष्ट्रीय उत्तराखण्ड पार्टी के नेता नवनीत गुंसाई ,किसान सभा के सुरेन्द्र सजवाण ,जनवादी महिला समिति से इन्दुनौडियाल ,सीआईटीयू के कृष्ण गुनियाल ,इफ्टा के हरिओम पाली ,पहाड़ी पार्टी के मोहनसिंह नेगी ,पीपुल्स फोरम के जयकृत कण्डवाल ,उत्तराखण्ड आन्दोलन कारी संयुक्त परिषद के सुरेशकुमार एटक के एस एस रजवार, एआईएलयू के शम्भूपप्रसाद ,जेडीएस के हरजिंदर सिंह,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकार संगठन के राकेश कुमार डोभाल ,नेताजी संघर्ष समिति के प्रभात डण्डरियाल कै अलावा प्रेंमसिह दानू ,रामसिंह भण्डारी ,रमेंश अग्रवाल ,मामचंद आदि शामिल थे ।

