दूसरे धर्म के कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने देना चाहती है सरकार : अखिलेश यादव।

लखनऊ : पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ईदगाह पहुंचकर लोगों को ईद की मुबारकबाद दी. इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधा. मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस ने मुझे आधे घंटे तक रोके रखा. केवल एक गाड़ी को आने दिया. इतनी बैरिकेडिंग मैंने पहले कभी नहीं देखी. सरकार दूसरे धर्म के कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकना चाहती है।
ईदगाह पर अखिलेश यादव ने समाज के लोगों के साथ सेवई, दही और फुल्की खाई. इस दौरान कहा कि लोगों से मिलना और मीठी सेवई खाना हमेशा एक सुखद अनुभव रहता है. यह मिठास पूरे साल याद रहती है. हमें अगले साल फिर से ईद पर इस मौके का इंतजार रहेगा।
मीडिया से बातचीत में सपा मुखिया ने कहा कि पुलिस ने मुझे यहां आने से रोका और बड़ी मुश्किल से मैं आ सका. जान-बूझकर आधे घंटे तक मेरी फ्लीट को रोके रखा गया. इतनी बैरिकेडिंग मैंने पहले कभी नहीं देखी. पहली बार नेताजी मुझे यहां लेकर आए थे. तब से मैं यहां लगातार आ रहा हूं. मैंने पुलिस कर्मियों से रोके जाने का कारण पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे पाए. आधे घंटे के बाद मेरी एक गाड़ी को ही आने दिया गया।
अखिलेश यादव ने कहा कि आखिरकार मैं इसको क्या समझूं, क्या मैं इसको तानाशाही समझूं, मैं इसको इमरजेंसी समझूं. यह बैरिकेडिंग इसलिए की गई जिससे लोग अपने त्यौहार को खुलकर न मना पाएं. आज देश और संविधान सबसे बड़े खतरे में है।
सपा मुखिया ने कहा कि भारत एक विशाल देश है. यहां सदियों से सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते आए हैं. वर्तमान सरकार मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रही है. गाय के मुद्दे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस बारे में मुझसे बेहतर कौन जानता होगा?. बीजेपी के नेता सांड़ और गायों की सही गिनती तक नहीं बता पा रहे है।
भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस सरकार में घोटाले और भ्रष्टाचार चरम पर हैं. एक आईएएस अधिकारी फरार हैं, मैं तो कहूंगा कि वह सीएम आवास में ही छुपे हैं. ममता बनर्जी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार और बंगाल में बीजेपी झूठा प्रचार कर रही है. मैं चाहता हूं कि मुख्यमंत्री बिहार चले जाएं और वहां की स्थिति को देखें।



