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इण्डिया गठबंधन के समर्थन में सीपीएम का राज्यभर में व्यापक सम्पर्क।

देहरादून : सीपीएम गठबंधन के पांचोंं प्रत्याशियों ‌के पक्ष में देहरादून ,हरिद्वार ,टिहरी ,उत्तरकाशी ,पौडी़,चमोली , ‌रूद्रप्रयाग ,अल्मोड़ा सहित सभी चुनावी क्षेत्रों में सीपीएम व्यापक अभियान चलाकर गठबंधन के सभी पांचों प्रत्याशियों विजयी बनाने की अपील आमजनता से कर रही है ।

पार्टी ने कहा है कि 2014 में “अच्छे दिन” के नारे के साथ सत्तासीन हुए,मोदी सरकार देश के लिए चौतरफा तबाही और बर्बादी लेकर आयी है बीते दस सालों में देश में लोकतंत्र, संविधान, मजदूर, किसान, आदिवासी, अल्पसंख्यक, छात्र-युवा, महिला व समाज का हरेक हिस्सा भाजपा के साम्प्रदायिक एवं कारपोरेटपरस्त नीतियों से त्रस्त है । हमारे राज्य में भाजपा की डबल इंजन सरकार ने राज्य में जनता को विभाजित करने के लिऐ ऐसे कारनामों को अन्जाम दिये हैं, जो राज्य के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ ।पार्टी ने कहा है कि केन्द्र एवं राज्य सरकार ने

मजदूरों के ट्रेड यूनियन अधिकार खत्म कर, उन्हें बन्धुआ बनाने वाले लेबर कोड लागू कर मजदूरों को बडे़ बड़े उधोगपतियों के रहमोकर्म पर छोड़ दिया है । न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और फसलों के लागत मूल्य की मांग को नहीं स्वीकारा है ।

_इस‌ अवसर*पर वक्ताओं ने कहा यूपीए सरकार के समय में बना वन अधिकार कानून 2006, वनों में रहने वाले आदिवासियों और परंपरागत वनवासियों को अधिकार देने के लिए बना था. लेकिन वनाधिकार देने के बजाय आदिवासियों और वनों पर आश्रित अन्य लोगों को उजाड़ने का कार्य केंद्र और राज्यों में बैठी भाजपा सरकारों ने किया । आज उत्तराखण्डी समाज का जंगलों कै हकहकूक केअधिकार छीन चुके हैं ।मजबूत भू कानून के अभाव में उत्तराखण्ड की जमीन बड़े बड़े लोगों ने कब्जा दी है ।

वक्ताओं ने कहा राज्य में सत्ता से जुड़े राज_ *नेताओं ,कारपोरेट एवं माफियाओं के नापाक गठबन्धन ने आमजन का जीना दुभर कर दिया है ।

वक्ताओं ने कहा युवा आबादी कै लिये स्वर्णिम भविष्य का वायदा अन्तत: दिवास्वप्न एवं खोखला साबित हुआ तथा पहले से रोजगार में लगे लाखों लाख लोगों का रोजगार छीनने का कार्य बड़े ही चालाकी से किया गया है । यदि राज्य का युवा रोजगार मांगता है तो उसे भारी दमन का सामना करना पड़ता है । कुल मिलाकर हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वायदा, एक दशक के बाद भी जुमला ही साबित हुआ है । आज बेतहाशा बढ़ती मंहगाई, नोटबंदी, जीएसटी आदि ने अर्थव्यवस्था की जो कमर तोड़ी दी है ।*

. देश के शिक्षक-कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस ) खत्म कर दिया तथा नौकरियां भी खत्म कर रही है । अग्निवीर योजना के जरिये सेना की नौकरियां अस्थायी कर उत्तराखण्ड का बचाखुचा रोजगार भी छीन लिया है ।

आजक्षआशा-आंगनबाड़ी-भोजनमाता आदि आउटसोर्स में लगी महिलाओं एवं अन्य से काम तो पूरा लिया जाता है ।

__नयी शिक्षा नीति कमजोर तबकों के छात्र-छात्राओं की शिक्षा से बेदखली का मार्ग खोल रही है ।

वक्ताओं ने कहा अल्पसंख्यकों पर निरंतर हमलों ने बीते एक दशक में देश की पहचान दुनिया में धूमिल की है ।आज

महिलाओं के लिए भारत दुनिया का सबसे खतरनाक देश बीते एक दशक बन चुका है। भाजपा का बेटी बचाओ का नारा चेतावनी और करुण पुकार में तब्दील हो गया । । मणिपुर में जो हुआ, उससे पूरा देश दुनिया के सामने शर्मशार हुआ है ।_

*वक्ताओं ने कहा उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद हुए इलेक्टोरल बॉन्ड के खुलासे से पता चल रहा है कि इसे अवैध वसूली का माध्यम भाजपा ने बना दिया ।पहले एजेंसियां छापा मारती हैं और फिर कम्पनियां, भाजपा को कई सौ करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड “दान” करती । हमारी पार्टी ने इस महाघोटाले को सर्वोच्च न्यायालय में ले जाकर मोदी सरकार एवं कारपोरेट एवं फर्जीवाड़े का भण्डाफोड़ किया कि किस तरह से हजारों करोड़ चन्दै कि ऐवज में न केवल इन्हें बड़े बड़े ठेके ओने पोनै दामों दिये गये तथा इनके अपराधों में पर्दा डाला गया ।*

यूकेएसएससी से लेकर विधानसभा तक युवाओं के रोजगार की लूट डबल इंजन के राज में हुई. तमाम भर्ती घोटालों में जो पकड़े गए, वो सब भाजपा के पदाधिकारी और बड़े नेताओं के करीबी रहे हैं । सिर्फ नौकरियों की लूट में ही नहीं, जीवन की लूट में भी भाजपा के डबल इन्जन के कलपुर्जे शामिल रहे ,अंकिता भण्डारी हत्याकांड इस बात का उदाहरण है, जिसमें अब तक पकड़े गए मुख्य आरोपी का परिवार भाजपा में प्रभावशाली रहा है ।इस काण्ड संलिप्त पकड़ से बाहर जो कथित वीआईपी है, उसका बचाव जिस तरह से किए जा रहा है तो संदेह की सुई, सत्तापक्ष की तरफ ही घूमती है ।__ आज_राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट है और अधिकांश सरकारी अस्पताल रेफरल सेंटर बने हुए हैं । नीजि अस्पताल आमजन की क्षमता के विपरीत हैं । सरकार के मंत्री फ़िनलैंड घूम रहे हैं और प्रदेश में सरकारी स्कूलों पर निरंतर ताला लग रहा है. आवारा पशुओं और जंगली जानवरों का आतंक अब सिर्फ पहाड़ के गांवों तक सीमित नहीं है बल्कि यह शहरों में भी फैल रहा है ।शहरों की स्थिति दिनों दिन नारकिय हो रही है ,स्मार्ट सिटी आदि सैकड़ों परियोजनाऐं लूटखसोट का अड्डा बन गई है । यह बताना काफी

है कि राज्य के संसाधनों का बडी तेजी से गुजराती ,हरियाणावी कम्पनियों व बड़े कारपोरेट द्वारा जमकर दोहन किया जा रहा है । परिवहन क्षेत्र में स्थानीय लोगों को बेदखल कर इस पर बड़े – बड़े लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है ।

वक़्तओं ने कहा मलिन एवं कच्ची बस्तियों का नियमतिकरण एक जुमला साबित हो रहा है ,पहाड़ हो या मैदानी जिले हरेक जगह गरीबों की बेदखली जारी है । आल वेदर रोड़ एवं राष्ट्रीय राजमार्ग कै नाम से भारी कर का भार आमजन पर पड़ रहा है । संशोधित राष्ट्रीय राजमार्ग कानून कै तहत राष्ट्रीय राजमार्ग कै इर्दगिर्द भविष्य में परम्परागत ढंग से रोजगार नहीं कर पायेंगे इसके लिये लाईसैंस/अनुमति लेने कै लिये अच्छी खासी रकम देने होगी । उत्तराखण्ड में निर्माणाधीन रेलवेे परियोजनाओं के आसपास बड़े बड़े घरानों के लिऐ जगह जगह आरक्षित कर दी है । हमारे राज्य जितने भी परियोजनाऐं बन रही उनमें से अधिकांश पर फिजुल खर्ची आम बात है ।~

हिमालय में लागू विनाशकारी विकास का मॉडल का नतीजा है कि जोशीमठ जैसा ऐतिहासिक नगर अपने अस्तित्व के लिए जूझ रहा है. पिछले एक साल में राज्य और केंद्र की उपेक्षा के चलते जोशीमठ के पुनर्वास, स्थिरीकरण के लिए कोई ठोस उपाय नहीं हुआ ,हमारे राज्य सिलक्यारा के सुरंग हादसे के बाद भी सुरंग बनाने वाली कम्पनी के खिलाफ तो कोई कार्यवाही नहीं हुई, अलबत्ता मजदूरों को बाहर निकालने वाले रेट होल माइनर्स के नेता वकील हसन का घर जरूर ढहा दिया गया. इलेक्टोरल बॉन्ड के खुलासे के बाद पता चल रहा है कि उक्त सुरंग बनाने वाली कंपनी ने भी भाजपा के लिए 55 करोड़ कै इलेक्टोरल बॉन्ड खरीद कर दिये थे._

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा बुलडोजर उत्पीड़न भाजपा सरकार की पहचान बन गयी है , अल्पसंख्यकों के विरुद्ध बुलडोजर चलाने का अभियान शुरू होता है और धीरे-धीरे बढ़ता हुआ यह गरीबों की रिहाइश और कारोबार को अपनी चपेट में ले लेता है. सबके सिर पर छत भले ही भाजपा सरकार न उपलब्ध करा पायी हो, लेकिन वनों, खत्तों से लेकर शहरों में नजूल की जमीन पर बसने वालों तक को उजाड़ने के लिए भाजपा हर वक्त मुस्तैद है !*हाल में मुख्यमंत्री नै फिर से यही बात दोहराई है ।

पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में डबल इन्जन ने उत्तराखण्ड को हिंसा और घृणा की डबल डोज़ दी है ।आज सत्ता संरक्षण में अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हिंसा और घृणा फैलाना आम बात हो गयी है.इसी तरह दलितों के उत्पीड़न की घटनाऐं भी प्रदेश में लगातार बढ़ी हैं। यह सीधे तौर पर धर्म की राजनीति के बढ़ने की वजह से है ।

आज लोकसभा का चुनाव प्रचार पीएम का मुख्य लक्ष्य ‌इण्डिया गठबन्धन को नुकसान पहुंचाना है ।केंद्र की सत्ता, विपक्षी राज्यों के मुख्यमन्त्रियों जैसे अरविंद केजरीवाल, हेमंत सोरेन समेत तमाम नेताओं को जेल भेजने पर उतारू है. मुख्य विपक्षी पार्टी कॉंग्रेस का खाता सीज़ कर दिया गया है. तमाम विपक्षी पार्टियों में तोड़फोड़ की जबरदस्त कोशिश की जा रही है. यह इस बात को दर्शाता है कि वे कितने ही सौ पार करने का दावा करते रहे हैं, लेकिन वे बेहद घबराऐ हुऐ है और बौखलाए हुए हैं ।इसका एक महत्वपूर्ण कारण, देश में लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए तमाम विपक्षी पार्टियों द्वारा बनाया गया इण्डिया-नाम का गठबन्धन है ।_

आज देश में दस साल से जो लोकतंत्र और संविधान को ही बुलडोजर तले रौंदने की कोशिश है, उसके खिलाफ पूरे देश की जनता से इंडिया गठबन्धन के साथ एकजुट हो रही है , 400 पार का‌ दावा करने वाली भाजपा को अधिकांश सीटों पर कड़ी चुनौती मिल रही है ।कुछ राज्यों में इस पार्टी का अस्तित्व ना के बराबर है ,जबकि गठबंधन देश ‌के हरेक हिस्से में है जो कि सही मायने में देश विविधता में एकता का प्रतिनिधितत्व करता है ।

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