
पटना : अस्पताल में गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पटना एसएसपी कार्तिकेय कुमार ने एक सब इंस्पेक्टर, दो सहायक सब-इंस्पेक्टर और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जो उस समय ड्यूटी पर थे जब पांच हथियारबंद युवकों ने अस्पताल में घुसकर दिनदहाड़े हत्या जैसी घटना को अंजाम दिया।
ताबड़तोड़ फायरिंग की थी: पुलिस ने बताया कि 17 जुलाई की सुबह दो बाइक पर सवार छह अपराधी पारस अस्पताल पहुंचे. इमरजेंसी गेट से प्रवेश न मिलने पर उन्होंने ओपीडी के रास्ते अंदर प्रवेश किया और सीधे कमरा नंबर 209 की ओर बढ़े, जहां चंदन मिश्रा भर्ती था. कमरे के खुले लॉक का फायदा उठाकर उन्होंने अंदर घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की।
घटना के दौरान कोई सुरक्षा नहीं: सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि हमलावर बेखौफ होकर अंदर घुसे और वारदात के बाद विक्ट्री साइन दिखाते हुए फरार हुए. हैरानी की बात यह रही कि घटना के वक्त कमरे के बाहर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था. वही अस्पताल प्रशासन भी मौजूद नहीं था।
एसएसपी ने बताया कि जांच में पाया गया कि शास्त्री नगर थाना के जिम्मेदार अधिकारियों ने चंदन मिश्रा की सुरक्षा को लेकर गंभीर चूक हुई है. इसके चलते उन्हें निलंबित किया गया. एसएसपी पटना कार्तिकेय शर्मा ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश देने के लिए की गई है. कानून-व्यवस्था में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निलंबित कर्मियों में शामिल
शास्त्री नगर थाना के 1 सब इंस्पेक्टर
2 सहायक सब-इंस्पेक्टर
2 सिपाही
तीन अन्य इंस्पेक्टर निलंबित: इसके अलावा, गांधी मैदान, सचिवालय और गर्दनीबाग थाना क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने वाले तीन अन्य इंस्पेक्टरों को भी निलंबित किया गया है. पुलिस के अनुसार यह हत्या गैंगवार से जुड़ी है, जिसकी साजिश तौसीफ बादशाह नामक कुख्यात अपराधी ने रची थी।
समनपुरा में रची थी साजिश: तौसीफ अस्पताल के लेआउट से परिचित था, क्योंकि उसका एक साथी वहां इलाज करवा चुका था. नई सीसीटीवी फुटेज में तौसीफ और उसके साथियों को वारदात से पहले समनपुरा इलाके में साजिश रचते हुए देखा जा सकता है।
इस घटना ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. तौसीफ के गैंग ने ना तो मास्क पहना था और न ही पुलिस की कार्रवाई का कोई डर दिखाया जो अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाता है।
