नई दिल्लीराजनीति

बसपा ने आकाश आनंद को बनाया मुख्य नेशनल कोऑर्डिनेटर।

नई दिल्ली :  बी.एस.पी. की आल इण्डिया की हुई आज एक अहम बैठक में पूरे देश भर में पार्टी संगठन की मज़बूती व जनाधार को सर्वसमाज में बढ़ाने के दिए गए कार्यों की गहन समीक्षा के साथ ही दिनांक 22 अप्रैल सन् 2025 की घटित पहलगाम आतंकी काण्ड को लेकर पाकिस्तान के विरुद्ध गौरवमय ऑपरेशन सिंदूर सैनिक कार्रवाई के लिए भारतीय सेना की सराहना।

साथ ही, जन व देशहित के लिए अपराध नियंत्रण की तरह लगातार आतंकी निरोधक उपाय जरूरी ताकि सिंदूर / सुहाग को उजड़ने से बचाने का दायित्व निभाया जा सके तथा इस क्रम में पाकिस्तान द्वारा परमाणु धमकी/ब्लैकमेलिंग नहीं सहने की चेतावनी सही कदम। कश्मीर पर अमेरिका या तीसरे पक्ष का दखल स्वीकार नहीं करने की राष्ट्रीय सहमति पर पूरी तरह से अमल जरूरी। वैसे भी भरोसा अपने आप पर होना बेहतर।

आतंक के विरुद्ध ठोस व प्रभावी उपाय ज़रूरी ताकि देश के लोगों को यहाँ ज़बरदस्त महंगाई, अपार गरीबी, बेरोज़गारी व पिछड़ेपन आदि के त्रस्त जीवन से मुक्ति दिलाकर विकसित भारत की जन आकांक्षाओं की लक्ष्य प्राप्ति की ओर देश अपना ध्यान व संसाधन पूरी तरह से केन्द्रित कर सके।

तथागत गौतम बुद्ध व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर आदि की प्रतिमा के अनादर की समाज में द्वेष व वैमनस्य फैलाने वाली घटनायें राज्य सरकारें सख्ती से रोकें।

बी.एस.पी. द्वारा देश भर में पार्टी के कार्यक्रमों की व्यवस्था हेतु बहुजन वालन्टियर फोर्स (बीवीएफ) को पहले की तरह संगठित करने पर बल

खासकर यूपी व उत्तराखण्ड में सत्ताधारी लोगों तथा सरकारी मशीनरी के जनविरोधी रवैये व मनमानी तथा विकास से ज्यादा विध्वंस आदि के कारण कानून का राज का अभाव के साथ-साथ बिजली, पानी, सड़क, सफाई, अस्पताल, स्कूल आदि की बदहाली से लोगों का जीवन त्रस्त तथा बीएसपी ही लोगों की उम्मीदों की एकमात्र किरण।

अन्त में, बी.एस.पी की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूरे देश भर से आये पार्टी के लोगों की सहमति से, आकाश आनन्द को बी.एस.पी का मुख्य नेशनल कोऑर्डिनेटर भी बनाया तथा उसे पार्टी के आगे के कार्यक्रम भी दिये गये। उम्मीद है कि इस बार, यह पार्टी व मूवमेन्ट के हित में, हर प्रकार की सावधानी बरतते हुये, पार्टी को मजबूत बनाने में अपना सराहनीय योगदान देगा सुश्री मायावती जी।

रविवार बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की चार बार रहीं मुख्यमंत्री व पूर्व सासंद सुश्री मायावती जी ने आज यहाँ पार्टी की आल इण्डिया की हुई एक अहम बैठक में देश भर में बी.एस.पी. संगठन की मजबूती व पार्टी के जनाधार को सर्वसमाज में बढ़ाने के लिए दिए गए कार्यों के प्रगति की गहन समीक्षा करने के साथ ही दिनांक 22 अप्रैल 2025 के घटित्त हुये पहलगाम आतंकी हत्याकाण्ड के संदर्भ में पाकिस्तान के विरुद्ध ‘ऑपरेशन सिंदूर की गौरवमय सैनिक कार्रवाई के लिए भारतीय सेना की सराहना करते हुए कहा कि जन व देशहित को प्रमावित होने से बचाने के लिए सरकार द्वारा अपराध नियंत्रण की तरह आतंकी निरोधक उपाय भी जरूरी हैं ताकि सिंदूर/सुहागों को उजड़ने से बचाने का दायित्व निभाया जा सके और इस क्रम में पाकिस्तान द्वारा परमाणु धमकी / ब्लैकमेलिंग को नहीं सहने की भारत सरकार की चेतावनी उचित कदम। साथ ही, कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका व अन्य किसी भी तीसरे पक्ष की दखल को स्वीकार नहीं करने की राष्ट्रीय सहमति पर सख्ती से अमल करते रहना जरूरी है क्योंकि इस खास मुद्दे पर भी देश को अपने आपके अलावा किसी और पर भरोसा नहीं किया जाये तो यह बेहतर होगा।

अर्थात् सीमा पार से थोपे जा रहे बार-बार की अति घातक आतंकी घटनाओं की रोकथाम को लेकर केन्द्र सरकार को हर संभव ठोस व प्रभावी उपाय जरूर करते रहना चाहिए ताकि देश के बहुजनों को यहाँ की जबरदस्त महंगाई, अपार गरीबी, बेरोजगारी व पिछड़ेपन आदि के त्रस्त जीवन से मुक्ति दिलाकर ‘विकसित भारत’ की जन आकांक्षाओं की लक्ष्य प्राप्ति की ओर सरकार अपना ध्यान व संसाधन पूरी तरह से केन्द्रित कर सके।

बी.एस.पी. केन्द्रीय कार्यालय 29 लोधी एस्टेट में आल इण्डिया की हुई बड़ी बैठक को सम्बोधित करते हुए मायावती ने आतंकी घटनाओं को विकास में बाधक बताते हुए कहा कि पहलगाम काण्ड की चुनौतियों से निपटने के मामले में सेना व पूरे देश ने जो परिपक्वता दिखाई है कि उसका नतीजा है, कि

पाकिस्तान को उसकी भाषा में सेना ने सबक सिखाया है और आगे ऐसा नहीं करने के लिए कड़ी चेतावनी भी दे रहा है। ऐसे में यह केन्द्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने सुरक्षा उपायों से देश में घातक आतंकी घटनायें अब किसी भी कीमत पर आगे नहीं होने दे।

इसके साथ ही, उन आपराधिक जातिवादी व साम्प्रदायिक तत्वों पर भी जरूर लगाम लगाए जो अपनी संकीर्ण, घृणित और विषैली भाषा व हरकतों से देश में शान्ति व आपसी भाईचारा के माहौल को जानबूझ कर प्रदूषित करने में लगे रहते हैं।

इसी क्रम में पहले विदेश सचिव और फिर उसके बाद सेना की वरिष्ठ महिला अफसर को लेकर मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा की गयी संकीर्ण सोच वाली अशोभनीय टिप्पणी ऐसी प्रवृतियाँ हैं जिसको पार्टी स्तर पर भी सख्ती के साथ निपटना चाहिए।

इस क्रम में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर राज्य के उक्त वरिष्ठ मंत्री के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज कराकर कानून का राज स्थापित करने के प्रयास का स्वागत, परन्तु भाजपा की ओर से इस सम्बंध में मंत्री के खिलाफ जरूरी एक्शन का अभी भी पूरे देश को इंतजार था और रहेगा। किन्तु इसी को लेकर सपा के वरिष्ठ नेता द्वारा भी सेना को जाति में आँकने व बाँटने का प्रयास अति दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण व निन्दनीय। भारतीय सेना व उसके पराक्रम को लेकर राष्ट्रीय उल्लास जरूर हो, लेकिन उसकी आड में किसी भी दल को राजनीति नहीं करनी चाहिए।

इसके साथ ही, तथागत गौतम बुद्ध व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के अनादर आदि की घटनाओं से भी सामाज में द्वेष व वैमनस्य फैलाने के प्रयास को भी सरकारें गंभीरता से लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही करें।

इतना ही नहीं बल्कि बी.एस.पी. प्रमुख ने यह भी कहा कि देश में पार्टी के कार्यक्रमों में व्यवस्था व अनुशासन आदि के लिए भी अपनी पार्टी के वर्दीधारी बहुजन वालन्टियर फोर्स (बी.वी.एफ.) को पहले की तरह ही संगठित करके उसका इस्तेमाल करना चाहिए।

इससे पहले बहन कु. मायावती ने ग्रासरूट लेवल पर पार्टी की तैयारी को लेकर सभी स्तर की कमेटियों के गठन के सम्बंध में दिनांक 2 मार्च सन् 2025 को आल इण्डिया की बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों पर अमल की प्रगति रिपोर्ट ली और उल्लेखित कमियों को दूर करके आगे अपनी तैयारी लगातार जारी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि खासकर महापुरुषों के अनादर/अपमान तथा दलित उत्पीड़न आदि के मामलों में पार्टी के प्रतिनिधिमण्डल के रूप में पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दिलाने एवं सरकार से दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करके पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रयास कानूनी व शान्तिपूर्ण तरीके से जारी रखें।

इसके अलावा, बिहार विधानसभा के लिए इस वर्ष के अन्त में होने वाले आमचुनाव पर अलग से हुई बैठक में चर्चा के दौरान वहाँ भी अकेले अपने बलबूते पर अपनी पूरी तैयारी के साथ यह चुनाव लडने का फैसला लिया गया।

साथ ही, उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड में सत्ताधारी लोगों तथा सरकारी मशीनरी के जनविरोधी रवैये व मनमानी तथा विकास से ज्यादा विध्वंस आदि के कारण कानून का राज का अभाव होने के साथ-साथ बिजली, पानी, सड़क, सफाई व न्याय पाने की व्यवस्था की बदहाल स्थिति पर चिन्ता व्यक्त करते हुए मायावती ने कहा कि बी.एस.पी. ही लोगों की उम्मीदों की एकमात्र किरण है और इसके लिए पार्टी को हर स्तर पर मजबूत बनाने में पूरे तन, मन, धन की मिशनरी भावना से लगे रहना जरूरी है।

अन्त में इस बैठक में, बी.एस.पी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती जी ने, पूरे देश भर से आये हुये पार्टी के लोगों की सहमति से आकाश आनन्द को पार्टी का मुख्य नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया तथा उसे देश में पार्टी के आगे के कार्यक्रम भी दिये गये। उम्मीद है कि इस बार, यह पार्टी व मूवमेन्ट के हित में, हर प्रकार की सावधानी बरतते हुये, पार्टी को मजबूत बनाने में अपना सराहनीय योगदान देगा।

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