उत्तर प्रदेश

जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो वह अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर ढंग से सुनिश्चित करती है : डॉ. हिमानी।

लखनऊ, : केन्द्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), लखनऊ द्वारा डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में आयोजित पाँच दिवसीय कार्यक्रम का दूसरा दिन ‘नारी शक्ति तथा महिला एवं बाल विकास’ के विषय को समर्पित रहा।

कार्यक्रम की अतिथि एवम् वक्ता स्क्वाड्रन लीडर डॉ तूलिका रानी ने रक्षा सेवाओं में महिलाओं के लिए बढ़ते अवसरों पर प्रकाश डाला। समाज में महिला-पुरुष समानता पर बल देते हुए उन्होंने कहा, “महिला और पुरुष एक दूसरे के विपरीत नहीं हैं, बल्कि प्रकृति ने इन्हें एक दूसरे का पूरक बनाया है।” अपने संबोधन में उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” का विशेष उल्लेख करते हुए उसमें महिला शक्ति द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।

कार्यक्रम में अतिथि एवम् वक्ता वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ की प्रभारी, श्रीमती अर्चना सिंह ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश सरकार के ‘वन स्टॉप सेंटर’ की स्थापना की प्रशंसा करते हुए बताया कि इन केन्द्रों का लक्ष्य उद्योग, नौकरी और अन्य मदद से महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। उन्होंने आगे अपने संबोधन में केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के विकास एवं सशक्तिकरण हेतु चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम में अतिथि एवम् वक्ता युवा उद्यमी डॉ. हिमानी श्रीवास्तव ने आर्थिक आत्मनिर्भरता को महिला सशक्तिकरण का मूल आधार बताया। उन्होंने बिना किसी केमिकल और एडिटिव्स के खाद्य प्रसंस्करण (फ़ूड प्रोसेसिंग) में अपने सफल व्यवसाय का उदाहरण देते हुए सरकार की व्यापार-समर्थक नीतियों, विशेषकर जीएसटी दरों में कटौती की प्रशंसा की। डॉ श्रीवास्तव ने कहा कि जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो वह अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर ढंग से सुनिश्चित करती है, जिससे पूरे परिवार और समाज का विकास होता है।

डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य श्री संजय सिंह ने आज के कार्यक्रम के बारे में अपने संदेश में कहा कि आज के कार्यक्रम का विषय जो देश की नारी शक्ति को समर्पित था वह अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। केंद्रीय संचार ब्यूरो के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विषयों का समावेश बहुत ही उत्कृष्ट है।

कार्यक्रम के दूसरे दिन के शुभारंभ में सीबीसी निदेशक श्री मनोज कुमार वर्मा ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का निर्माण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के बिना असंभव है।

आज की थीम को ध्यान में रखते हुए, छात्राओं एवं बच्चों के लिए विशेष रूप से भाषण, मेहंदी, चित्रकला और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त दिन भर चले कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होता रहा और भोजपुरी लोकगीत झंकार एंड पार्टी की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम को समावेशी बनाने हेतु मूक-बधिर दर्शकों के लिए साइन लैंग्वेज (सांकेतिक भाषा) की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।

इसके साथ ही, ‘नारी शक्ति’ और ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ जैसे विषयों पर आधारित 80 से अधिक पैनलों वाली चित्र प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई रही।

इस मौके पर केंद्रीय संचार ब्यूरो के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी जय सिंह, लक्ष्मण शर्मा, अमन त्रिपाठी, प्रेम सिंह नेगी, जितेंद्र पाल सिंह और विश्वविद्यालय के डॉ यशवंत विरोदय, प्रोफेसर, डॉ कौशिकी सिंह, सह आचार्य, डॉ रंजीत सिंह, डॉ सुधा सिंह सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी व गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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