उत्तराखंड

अमेरिकी इसराइल युद्ध का विरोध जरूरी : अनन्त आकाश।

देहरादून : हमास द्वारा इजराइल पर हमले की आढ़ में इजराइल एवं उनके सरपरस्त अमेरिका तथा उसके मुठ्ठीभर राष्ट्रों द्वारा हमास के खात्में की आढ़ में फिलिस्तीन की गाजा पट्टी में नरसंहार किया जा रहा है जिसमें अब तक दस्यु हजार बच्चे ,बुढ्ढे ,महिलाओं आदि की मृत्यु हो चुकी है ,हमास के खात्में के नाम पर समुची फिलिस्तीन आबादी को मरने का डर दिखाकर उन्हें उनकी मातृभूमि से बेदखल किया जा रहा है ,इस सम्पूर्ण साजिश में इसराइल के साथ अमेरिकी साम्राज्यवाद तथा उसके मित्र देश इंग्लैंड ,जर्मनी तथा फ्रान्स सीधेतौर पर शामिल हैं ,जिनके पूर्व में भी अपने – अपने स्वार्थ रहे हैं ।साम्राज्यवादी अमेरिका तथा साम्प्रदायिक ताकतें इस युद्ध को आंतकवाद के खिलाफ छेड़ा गया युद्ध साबित करने की नापाक कोशिश में लगा हुआ है ,जो कि सही नहीं है ,युद्ध के बहाने मुसलमानों की छवि को खराब करने की सुनियोजित मुहिम साम्राज्यवादपरस्त मीडिया द्वारा चलाई जा रही है मुहिम में दिख रही है ।दूसरी तरफ इसराइल ,भारत ,अमेरिका ,इंग्लैंड ,फ्रान्स,जर्मनी ,कनाडा पश्चिम एशिया आदि अनेकानेक देशों में पिछले एक माह‌ से फिलिस्तीन की जनता के समर्थन में भारी प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं ।इजराइल में हर रोज नेतन्याहू सरकार का जोरदार विरोध हो रहा है ।किन्तु वह‌ अपनी जिद्द पर अड़ा हुआ है ।

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश की मोदी सरकार अपनी गुटनिरपेक्ष नीति को त्याग कर इसराइल ,अमेरिका ,यूएई का गठबंधन का हिस्सा होने ‌के‌ कारण सीधेतौर पर इसराइल अमेरिका के खेमें है,कुल मिलाकर हमारे देश की सरकार इस युद्ध में इसराइल की नेतान्याहू की घोर दक्षिणपंथी सरकार के साथ है । फिलिस्तीन तथा युद्ध रोकने तथा नरसंहार की निन्दा के लिये संयुक्त राष्ट्र संघ में वोटिंग के दौरान विश्व के 84 देशों ने प्रस्ताव के समर्थन ‌,अमेरिका सहित उसके दोस्तों द्वारा विरोध में तथा भारत ने की तटस्थ भूमिका ने हमारी फिलिस्तीन पर हमारी देश की नीति को उलट‌ करके रख दिया है ,इससे पहले रूस यूक्रेन युध्द भडकाकर अमेरिकी साम्राजवाद अपना खेल खेल चुका है । 1980 के दौर में जब फिलिस्तीन के नेता यासर आराफात थे तब भारत ने उनका भब्य स्वागत किया था तथा फिलिस्तीन को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में मान्यता दी थी ,इसके उलट मोदी सरकार इस मुद्दे को अपनी संकीर्णता के चलते साम्प्रदायिक रंग दे रही है तथा इस आढ़ में मुस्लिम विरोधी माहौल बनाने में लगी हुई ,जबकि हमारे देश सहित विश्व की शान्ति एवं आपसी सदभाव पसन्द जनता पिछले एक माह से लाखों लाख लोग‌ सड़कों पर उतरकर इसराइल अमेरिकी युद्ध के विरोध में ,संघर्ष शील फिलिस्तीनी जनता के पक्ष में खड़े हो रहे हैं ।यहाँ तक इसराइल ,अमेरिका ,इंग्लैंड ,फ्रान्स ,जर्मनी ,भारत आदि की जनता अपनी सरकारों के खिलाफ खड़ी है ।

इसलिये वक्त का तकाजा है कि अमेरिकी साम्राज्यवादी गठबंधन की साजिशों के खिलाफ एकजुटता के साथ आगे आयें ।

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