राजीव वर्मा बने दिल्ली के नए मुख्य सचिव, एक अक्टूबर से संभालेंगे कार्यभार।

नई दिल्ली : दिल्ली के मुख्य सचिव धर्मेंद्र सिंह के 30 सितंबर को रिटायरमेंट से पहले केंद्र सरकार ने दिल्ली के नए चीफ सेक्रेटरी का ऐलान कर दिया है. एजीएमयूटी कैडर के 1992 बैच के आईएएस अधिकारी राजीव वर्मा को दिल्ली का नया मुख्य सचिव बनाया गया है. उन्हें चंडीगढ़ से बुलाकर दिल्ली का मुख्य सचिव बनाया गया है।
बता दें कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार में राजीव वर्मा दिल्ली में परिवहन आयुक्त और मंडल आयुक्त जैसे पदों पर रह चुके हैं. बता दें कि दिल्ली के नए मुख्य सचिव बने राजीव वर्मा 1992 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. उन्हें जनवरी 2024 में चंडीगढ़ के प्रशासक का सलाहकार नियुक्त किया गया था. वे पुडुचेरी के मुख्य सचिव के पद पर भी रह चुके हैं. चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार के रूप में कार्यभार संभालने से पहले वह पुडुचेरी के मुख्य सचिव थे।
उन्होंने मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से वास्तुकला में डिग्री हासिल की है और दिल्ली स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर से शहरी डिजाइन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है. बता दें मौजूदा मुख्य सचिव धर्मेंद्र सिंह को नरेश कुमार के रिटायरमेंट के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार के समय ही मुख्य सचिव बनाया गया था. धर्मेंद्र सिंह 1989 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. इस साल फरवरी में भाजपा सरकार आने के बाद भी उन्हें ही यह जिम्मेदारी निभाने दी गई, जबकि अन्य कई अधिकारियों की नियुक्ति में फेरबदल किया गया।
दिल्ली का मुख्य सचिव बनने के लिए अमित यादव (1991), देबाश्री मुखर्जी (1992), विजय कुमार (1992) और अश्विनी कुमार (1992) सहित कई अरुणाचल प्रदेश गोवा मिज़ोरम केंद्र शासित प्रदेशों (एजीएमयूटी) के आइएएस अधिकारियों के नाम चर्चा में थे. यादव, मुखर्जी और विजय कुमार वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, जबकि अश्विनी कुमार वर्तमान में नगर निगम (एमसीडी) के आयुक्त के पद पर हैं. इससे पहले उन्होंने दिल्ली सरकार के राजस्व और गृह विभागों में प्रमुख सचिव के रूप में कार्य किया।



