
लखनऊ : सोमवार बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की चार बार रहीं मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद बहन कु. मायावती ने आज यहाँ बी.एस.पी. उत्तर प्रदेश स्टेट, मण्डल यूनिट व सभी 75 जिलों के जिला अध्यक्षों सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक में खासकर पार्टी उम्मीदवारों के चयन की प्रगति समेत आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारियों की गहन समीक्षा की।
बी.एस.पी. यूपी स्टेट कार्यालय 12 माल एवेन्यू में आयोजित इस बैठक में यूपी संगठन की पिछली दो बैठकों में वोटरलिस्ट की चुनाव आयोग द्वारा हुये एसआईआर उपरान्त पोलिंग बूथ स्तर तक की कमेटियों के पुनर्गठन को युद्ध स्तर पर पूरा किये जाने की स्थिति की समीक्षा की गयी तथा कमियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिये गये।
साथ ही, चुनावी तैयारियों को बदलते हुये राजनीतिक हालात के मद्देनज़र और अधिक तीव्र व प्रभावी बनाने का आह्वान किया गया ताकि विरोधियों के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि घिनौने हथकण्डों का सामना करते हुये उत्तर प्रदेश में बी.एस.पी. की पाँचवीं बार सरकार बनाकर लोगों को ‘कानून द्वारा कानून के बेहतरीन राज’ देने के साथ तथा शोषण, अत्याचार व भ्रष्टाचार-मुक्त ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की सरकार बनाकर लोगों की अपेक्षाओं व आकाँक्षाओं को सही से पूरा किया जा सके।
बैठक से पहले पार्टी संगठन सम्बंधी मण्डलवार प्रगति रिपोर्ट लेने के बाद इस बैठक को सम्बोधित करते हुये मा. बहनजी ने चुनावी स्वार्थ के लिये वोटिंग पूर्व महिलाओं आदि को अनेकों प्रकार के निजी लाभ पहुँचाने वाली ‘रेवड़ियों सहित विभिन्न प्रकार के लुभावने वादे एवं घोषणाओं के माध्यम से चुनावों को गलत रूप से प्रभावित किया जाता है, किन्तु चुनाव बाद सरकार बनने पर देश भर के राज्यों में जो जनता से वादाखिलाफी हो रही है उससे विशेषकर यूपी की जनता को अगाह करना ज़रूरी है, ताकि लोग विरोधी पार्टियों के ऐसे खुल्लमखुल्ला छलावों व विश्वासघात आदि से बचकर चुनाव में अपनी मर्जी के हिसाब से स्वतंत्र व निष्पक्ष होकर वोट कर सकें, जो देश व जनहित में अति आवश्यक है।
देश के विभिन्न राज्यों में चुनाव के बाद सरकार बन जाने पर ऐसी ही लगातार वादाखिलाफी, विश्वासघात व जनहित व जनकल्याण के प्रति गैर-जिम्मेदारी आदि के विरुद्ध बी.एस.पी. के संघर्ष के साथ-साथ ‘जेन जी व जेन-अल्फा’ तक को ऐसे जनविरोधी रवैयों / कार्यकलापों के कारण संघर्ष के लिये उतरकर पुलिस मुकदमा आदि जैसे सरकारी दमन का सामना करना पड रहा है।
वास्तव में महंगाई के साथ-साथ गरीबी, बेरोज़गारी व पिछड़ेपन आदि के कारण मजबूरी के पलायन से यूपी की जनता भी लगातार त्रस्त है, जिसके निदान हेतु सरकार जो भी घोषणायें कर रही है वह ऊँट के मुँह में जीरा के सामान ही यह समाधान का कम व चुनावी छलावा ज़्यादा लगता है, क्योंकि जनहित व जनकल्याण का दायित्व अनवरत निभाना सभी सरकारों की संवैधानिक ज़िम्मेदारी है जिसको हर वर्ष जारी रखना है, जैसाकि बी.एस.पी. की यूपी में रही सभी सरकारों में किसी मुहूरत अथवा चुनाव की प्रतीक्षा किये बिना ही लगातार किया गया और तभी ‘सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ सम्बंधी काम अभूतपुर्व एवं ऐतिहासिक तौर पर करके दिखाया गया है, जो किसी से छिपा नहीं बल्कि सर्वविदित है।
इसके अलावा, बी.एस.पी. के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी की दिनांक 9 अक्टूबर को पुण्यतिथि के कार्यक्रम को पूरी मिशनरी भावना से आयोजित करने सम्बंधी दिशा-निर्देश देते हुये बी.एस.पी. प्रमुख बहन कु. मायावती जी ने कहा कि इस वर्ष यह कार्यक्रम केवल लखनऊ में बी.एस.पी सरकार द्वारा यहाँ वीआईपी रोड पर, वहाँ पर्यटक स्थल के रूप में विकसित भव्य ‘बौद्ध स्मृति उपवन’ के सामने, विशाल गुम्बद आकार के भव्य ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ में होगा, जहाँ पश्चिम यूपी सहित पूरे प्रदेश भर के लोग एकत्र होकर मान्यवर श्री कांशीराम जी को, ‘मा. कांशीराम जी का मिशन अधूरा, बी.एस.पी. करेगी पूरा’ व मा. कांशीराम जी का मिशन अधूरा, मा. बहनजी करेंगी पूरा’ आदि के संकल्प के साथ अपनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे।
यूपी-दिल्ली सीमा पर बी.एस.पी. सरकार द्वारा स्थापित भव्य ‘बहुजन प्रेरणा केन्द्र’ में रख-रखाव का सरकारी कार्य चल रहा और इस दौरान लोगों की भीड़ एकत्र होने पर किसी दुर्घटना आदि की संभावना से बचा जा सके। इसीलिये इस वर्ष पश्चिम यूपी के लोग भी, यूपी के अन्य मण्डल के लोगों की तरह, राजधानी लखनऊ आकर यहाँ विशाल गुम्बद आकार के भव्य ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ पर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे।
इसके अलावा, पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ के प्रलय में भारतीयों सहित जान-माल की हुई भारी हानि अति-दुखद व पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति प्रकट करते हुये मा. बहनजी ने कहा कि उसके फलस्वरूप यूपी में भी बाढ़ की विभीषिका के प्रति केन्द्र व राज्य सरकारों को सभी प्रभावित लोगों की हर प्रकार से मदद को तुरन्त आगे आना चाहिये, वरना ख़ासकर यूपी के पूर्वांचल के लोगों का जीवन गरीबी, भूख और कर्ज़ के शोषण आदि की मार के कारण और भी अधिक कठिन होता जायेगा। आपदा योजनाओं का लाभ तत्काल ज़रूरतमन्द लोगों / परिवारों को मिले तो यह सही होगा। वैसे भी बाढ़ का प्रकोप हर वर्ष की त्रास्दी है जिसके सम्बंध में इसके स्थाई समाधान ज़रूर ढूंढे जाने की ज़रूरत है।



