
देहरादून : मुस्लिम सेवा संगठन द्वारा आयोजित “Save India, Save Constitution” सेमिनार में देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द की रक्षा को लेकर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट सलमान खुर्शीद, पूर्व राज्यसभा सांसद अदीब सिद्दीकी, वरिष्ठ अधिवक्ता फ़ुज़ैल अय्यूबी सहित बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया!
सलमान खुर्शीद (पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट)ने कहाँ भारत का संविधान हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान की गारंटी देता है। आज जरूरत है कि हम संविधान की भावना को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं और नफरत की राजनीति के बजाय भाईचारे और इंसाफ की संस्कृति को मजबूत करें ।
फ़ुज़ैल अय्यूबी (वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट)
ने कहा कि “देश की ताकत उसकी विविधता और संविधान में निहित समानता के सिद्धांत में है। युवाओं को संविधान के अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।”
अदीब सिद्दीकी (पूर्व राज्यसभा सांसद)
पूर्व राज्यसभा सांसद अदीब सिद्दीकी ने कहा कि “संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सपनों और संघर्षों का प्रतीक है। एपीसीआर के सचिव नदीम खान ने कहाँ लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा जब संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।”
मुस्लिम सेवा संगठन के (अध्यक्ष)नईम कुरैशी ने अपने संबोधन में कहा कि “संविधान प्रत्येक नागरिक को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का अधिकार देता है। इन मूल्यों की रक्षा केवल अदालतों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।”



