उत्तर प्रदेश

बिजली के तारों से टकराकर हाईवे किनारे गिरा, महिला पायलट घायल।

कासगंज : कासगंज में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया. अलीगढ़ के धनीपुर एयरपोर्ट से प्रशिक्षण उड़ान पर निकला ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट तकनीकी खराबी के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान कासगंज पुलिस लाइन के पीछे निर्माणाधीन बरेली-मथुरा हाईवे के किनारे बिजली के तारों से टकराकर गिर पड़ा. हादसे में विमान उड़ा रही 27 वर्षीय प्रशिक्षु महिला पायलट कायनात खान (पुत्री कादर खान, निवासी मुंबई) गंभीर रूप से घायल हो गई. तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार जारी है।

जानकारी के अनुसार, दो सीटों वाले एयरक्राफ्ट ने सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे अलीगढ़ के धनीपुर स्थित एयरपोर्ट से नियमित प्रशिक्षण उड़ान भरी. उड़ान भरने के लगभग आधे घंटे बाद करीब 4 बजे विमान में तकनीकी खराबी आने की आशंका जताई जा रही है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विमान ने दुर्घटना से पहले एक-दो चक्कर लगाए और इसके बाद वह बिजली के तारों से टकराते हुए हाईवे किनारे जा गिरा।

हादसे के समय विमान में केवल महिला प्रशिक्षु पायलट ही सवार थी.घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए. घायल पायलट को तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया. वहीं अलीगढ़ एयरपोर्ट और चेतन एविएशन की तकनीकी टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गई. दुर्घटनास्थल पर विमान के मलबे को सुरक्षित कर जांच की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

अलीगढ़ एयरपोर्ट के निदेशक सत्यव्रत सारस्वत ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान ने दोपहर 3:30 बजे धनीपुर एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी. करीब 4:00 बजे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली. प्रारंभिक स्तर पर यह अनुमान लगाया जा रहा था कि विमान अकराबाद क्षेत्र में गिरा है, लेकिन बाद में तकनीकी सहायता से उसकी सटीक लोकेशन कासगंज पुलिस लाइन के पीछे निर्माणाधीन बरेली-मथुरा हाईवे के पास मिली. बताया कि हादसे की सूचना महानिदेशक नागरिक उड्डयन (DGCA) को दे दी गई है और डीजीसीए की विशेष टीम दुर्घटना के कारणों की जांच करेगी।

जानकारी के अनुसार हादसे का शिकार हुआ विमान वीटी-एएफबी (VT-AFB) पंजीकरण वाला सेसना कंपनी का निर्मित दो सीटों वाला फिक्स्ड गियर लाइट पिस्टन एयरक्राफ्ट है. ऐसे विमानों का उपयोग सामान्यतः प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) और कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के लिए आवश्यक उड़ान प्रशिक्षण और फ्लाइंग आवर्स पूरे कराने में किया जाता है।

बता दें कि इससे पहले 24 मई को भी धनीपुर एयरपोर्ट से संचालित एक अन्य प्रशिक्षण विमान में उड़ान के दौरान तकनीकी चेतावनी (अलार्म) आने के बाद प्रशिक्षक पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए अलीगढ़ के चंगेरी गांव के पास एक खाली खेत में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई थी. उस घटना में सभी सुरक्षित बच गए थे।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद प्रशिक्षण विमानों की तकनीकी सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल प्रशासन ने पूरे घटनास्थल को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी है. अब सभी की नजर डीजीसीए की जांच रिपोर्ट पर है, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

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