उत्तराखंडदेहरादून

मायावती ने अपने दर से लौटाए राहुल के दूत।

सांसद तनुज पुनिया व अन्य नेता पहुंचे थे बसपा सुप्रीमो के घर।

लखनऊ : कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी का संदेश लेकर मायावती के दरवाजे पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं को बैरंग लौटना पड़ा। मायावती ने मिलने से इनकार कर दिया। कांग्रेस नेता गेट पर अपना नाम लिखवाकर लौट आए। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि वे सिर्फ औपचारिक मुलाकात के लिए गए थे।

बसपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती इन दिनों लखनऊ में हैं। यह जानकारी मिलने पर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद तनुज पुनिया व अन्य नेता मायावती के आवास पर पहुंचे। उन्होंने मिलने का संदेशा भेजवाया। चर्चा है कि वे कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी का संदेशा लेकर गए थे

वे आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बातचीत करना चाहते थे, लेकिन मायावती ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। कांग्रेस नेताओं से मिलने से मना कर दिया। ऐसे में उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। कांग्रेस नेताओं को बिना बुलाए

अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद तनुज पुनिया व अन्य नेता मायावती के आवास से वापस लौटते हुए।

मायावती के दरवाजे पर जाने को लेकर प्रदेश की सियासत में तरह- तरह की चर्चाएं हैं। इस संबंध में कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम का कहना है वह दलित समाज की पूर्व मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में उनका हालचाल लेना हमारा दायित्व है। हमने अपना नाम गेट पर लिखवा दिया है। जब बुलाएंगी तो दोबारा मिलने जाएंगे। ब्यूरो

बसपा में बड़ा फेरबदल, अखिलेश को लखनऊ मंडल की कमान

लखनऊ। बसपा में बड़ा फेरबदल किया गया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने दो दिन पहले दिल्ली से लौटने के बाद बरेली और झांसी मंडल के प्रभारी रह चुके अखिलेश अंबेडकर को लखनऊ मंडल का मुख्य प्रभारी बनाया है। वहीं पार्टी प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल को प्रयागराज की जगह कानपुर मंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं नौशाद अली को कानपुर से हटाकर चित्रकूट मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। लालाराम को झांसी से हटाकर कानपुर मंडल संभालने को कहा गया है। बसपा सुप्रीमो ने विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत ये फेरबदल अंजाम दिए हैं। जल्द ही कई जिलाध्यक्षों को भी हटाने की तैयारी है। पार्टी तीन राज्यों में मिली करारी शिकस्त के बाद यूपी और उत्तराखंड में संगठन के कील-कांटे दुरुस्त करने में जुट गई है। सूत्रों की मानें तो बसपा सुप्रीमो आगामी 23 या 24 मई को पार्टी पदाधिकारियों की बड़ी बैठक बुलाने वाली हैं, जिसमें विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा संभव है।

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