पूर्व बसपा एमएलसी को अपराधी घोषित, ED ज़ब्त करेगी 1000 करोड़ की संपत्ति।

सहारनपुर : खनन माफिया और पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हाजी इकबाल को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित कर दिया है. इसके साथ ही उसकी तीन चीनी मिलों समेत लगभग 1,000 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त करने के आदेश जारी किए गए हैं. आरोप है कि हाजी इकबाल ने अवैध खनन के जरिए हजारों करोड़ की बेनामी संपत्तियां अर्जित की है।
अवैध खनन से खड़ा किया 5000 करोड़ का साम्राज्य: जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक हाजी इकबाल की 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां ज़ब्त की जा चुकी हैं. आरोपी पिछले कई सालों से अंडरग्राउंड है और लगातार कानूनी जांच से बच रहा है. लंबे समय से फरार होने के कारण पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया हुआ है. माना जा रहा है कि मोहम्मद इकबाल पिछले कई वर्षों से दुबई में शरण लिए हुए है।
परचून की दुकान से MLC बनने तक का सफर: मूल रूप से सहारनपुर के मिर्जापुर पोल गांव का रहने वाला हाजी इकबाल कभी एक छोटी सी परचून की दुकान चलाता था. बसपा शासन काल में उसने सत्ता का ऐसा रसूख कायम किया कि वह बेनामी संपत्ति का बेताज बादशाह बन गया. उसने न केवल खुद को एमएलसी बनाया, बल्कि अपने भाई महमूद अली को भी सदन तक पहुंचाया. उस दौर में बड़े-बड़े अधिकारी और मंत्री उसके घर पर हाजिरी लगाया करते थे।
योगी सरकार में काले कारनामों का पर्दाफाश: साल 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद हाजी इकबाल के काले कारनामों की परतें खुलनी शुरू हुईं. ईडी और सीबीआई की जांच में पता चला कि उसने ज्यादातर संपत्तियां अपने नौकरों, रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम कर रखी थी।
उस पर अवैध कब्जे, मारपीट, दुष्कर्म और जबरन जमीन हड़पने जैसे दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं. वर्तमान में उसका भाई और बेटे जेल में हैं, जबकि वह खुद फरार है।
विदेशी संपत्ति पर भी ED करेगी कार्रवाई: लखनऊ की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने हाजी इकबाल को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ करार देते हुए ईडी को उसकी विदेश स्थित संपत्तियां ज़ब्त करने का भी अधिकार दे दिया है।
स्पेशल जज राहुल प्रकाश ने मंगलवार को यह ऐतिहासिक आदेश जारी किया. ईडी अब उन चीनी मिलों और संपत्तियों को कुर्क करेगी, जिनकी कीमत लगभग 1,000 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस कार्रवाई में सहारनपुर की ग्लोकल यूनिवर्सिटी समेत कई अन्य संपत्तियां पहले ही अटैच की जा चुकी है।



