उत्तराखंडदेहरादून

प्रशासन लोगों को ज़बरदस्ती हटाने का प्रयास न करे।

देहरादून : आज मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के कार्यालय पर बड़ी संख्या में मज़दूर बस्तियों के निवासी पहुँच कर लोगों को ज़बरदस्ती विस्थापन करने का प्रयास का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग उठायी कि किसी को बेघर न किया जाये; पुनर्वास की बात करने से पहले प्रशासन अपना तर्क को प्रभावित लोगों के सामने रखे और उनसे वार्ता करे; जो भी पुनर्वास करनी की योजना बनती है, उसपर तय किये गए मानकों के अनुसार और प्रभावित लोगों की सहमति के साथ ही अमल होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आपदा के नाम पर कार्यवाही की जा रही है, तो सबसे पहले सरकार को एलिवेटेड रोड और अन्य विनाशकारी परियोजनाओं को रद्द करना चाहिए, क्योंकि उनसे बाढ़ का खतरा बढ़ेगा।

प्रदर्शनकारियों ने ख़ास तौर पर इस बात का विरोध किया कि कांठ बांगला क्षेत्र में सर्वेक्षण के नाम पर लोगों से फिर कागज़ मांगे जा रहे हैं , जबकि यह प्रक्रिया कई बार पहले हो चुकी है, और उनमें से कुछ परिवारों को कहा जा रहा है कि उन को वहां से विस्थापित कर बगल में बना फ्लैट काम्प्लेक्स में जगह दी जाएगी, लेकिन वह फ्लैट काम्प्लेक्स भी नदी के बीच में बना है। इस प्रक्रिया में लापरवाही, जल्दबाजी एवं भेदभाव दिख रहा है।

प्रदर्शनकारियों से वार्ता करते हुए MDDA के सचिव श्री मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि इन बातों पर गंभीरता से विचार की जाएगी और स्थानीय लोगों से फिर वार्ता करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया जायेगा।

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