प्रेमिका की हत्या कर सूटकेस में भरी लाश, बाइक से 100 किमी दूर यमुना में फेंका शव।

कानपुर : शहर के हनुमंत विहार इलाके में खौफनाक मामला सामने आया है. प्रेमी ने पहले प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या कर दी, फिर दोस्त के साथ मिलकर शव को सूटकेस में भर दिया. दोनों ने शव ठिकाने के लगाने के लिए बांदा को चुना. बाइक पर सूटकेस रखकर दोनों 100 किमी दूर बांदा के चिल्ला पुल पर पहुंचे. पुल से ही सूटकेस यमुना में फेंक दिया. इधर, युवती की मां ने जब मुकदमा दर्ज कराया तो पुलिस सक्रिय हुई. शनिवार को ही आरोपी प्रेमी और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ. पता चला है कि एक अन्य युवती को लेकर प्रेमी-प्रेमिका में झगड़ा होता था. यही हत्या की वजह बनी. हालांकि, पुलिस अभी शव बरामद नहीं कर सकी है।
DCP साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक, कानपुर देहात में रहने वाली विजयश्री ने अगस्त में हनुमंत विहार थाने में बेटी आकांक्षा के अपहरण का केस दर्ज कराया था. मां ने पुलिस को बताया था कि आकांक्षा अपनी बड़ी बहन प्रतीक्षा के साथ साउथ के बर्रा स्थित एक रेस्टोरेंट में काम करने के साथ पढ़ाई भी करती थी. वहीं, आकांक्षा की दोस्ती फतेहपुर के सूरज कुमार (20) से सोशल मीडिया के माध्यम से हो गई थी. इसके बाद दोनों एक रेस्टोरेंट में काम करने लगे और दोस्ती हो गई. काफी समय तक सूरज और आकांक्षा साथ काम करते रहे।
इसके बाद सूरज के कहने पर आकांक्षा ने बर्रा स्थित रेस्टोरेंट को छोड़ दिया और हमीरपुर रोड पर बने एक रेस्टोरेंट में दोनों काम करने लगे. करीब दो महीने पहले बड़ी बहन को छोड़कर आकांक्षा सूरज के साथ हनुमंत विहार में किराए पर रहने लगी थी. हालांकि फोन पर मां और बहन से बात करती थी. इस बीच उसने अचानक फोन करना और उठाना दोनों बंद कर दिया. उसकी कोई जानकारी जब मां को नहीं मिली तो वह पुलिस के पास पहुंची. अगस्त में मुकदमा दर्ज किया गया।
इधर, पुलिस मामले की पड़ताल में लग गई. बीते शनिवार को पुलिस ने सूरज को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. कुछ देर में ही उसने पुलिस के सामने सब कुछ उगल दिया. डीसीपी साउथ के मुताबिक, सूरज ने पुलिस को बताया कि उसने आकांक्षा को गला दबाकर मार दिया है. आकांक्षा के अलावा उसकी एक और गर्लफ्रेंड थी. एक दिन आकांक्षा ने दूसरी गर्लफ्रेंड की वॉट्सएप चैट पढ़ ली थी. इसको लेकर दोनों के बीच बहुत झगड़ा हुआ था।
सूरज ने पुलिस को बताया कि उसने आकांक्षा को मनाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी. रोज झगड़ा करती थी. 21 जुलाई की रात 21 जुलाई की रात दोनों में फिर झगड़ा हुआ. इस पर आकांक्षा का उसने गला दबा दिया. सूरज ने इसके बाद फतेहपुर के ही रहने वाले अपने दोस्त आशीष (21) को बुला लिया. आकांक्षा के शव को सूटकेस में भरा और आशीष के साथ बाइक से सूटकेस को ले जाकर उसी रात चिल्ला पुल से यमुना नदी में फेंक दिया.
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पूछताछ के लिए सूरज पहले तो पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने उसे बताया कि घटना के दिन आकांक्षा के साथ लोकेशन और मोबाइल में बातचीत है तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली।


