उत्तराखंडदेहरादून

एलिवेटेड रोड़ के खिलाफ व बस्तियों के मालिकाना हक को लेकर एकजुट होने का आह्वान।

बीजू कृष्णन ने कहा हम प्रभावितों के साथ।

देहरादून : देहरादून सभागार में बस्ती बचाओ आन्दोलन द्वारा आयोजित सेमिनार में प्रभावितों की खचाखच लोगों से भरे उत्तरांचल प्रेस क्लब  को सम्बोधित करते हुऐ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं किसान सभा महामंत्री बीजू कृष्णन ने कहा हम एलिवेटेड रोड़ से प्रभावित की हर लड़ाई के साथ हैं ,अन्तिम दम तक उनकी लड़ाई लड़ेंगे वे

सेमिनार के मुख्य वक्ता के रूप में अपनी बात रख रहे थे ।

इससे पूर्व किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र सजवाण ने अध्यक्षमण्डल की ओर से उनका स्वागत किया तथा सेमिनार का उदघाटन किया । श्री बिजू कृष्णनन जी ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा दिल्ली से लेकर देहरादून तक चुनाव के दौरान यह वादा किया था  कि बस्तियों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक़ दिया जायेगा पर ठीक चुनाव के बाद भाजपा सरकारों द्वारा जनता को धोखा देते हुए जगह-जगह बस्तियों को तोड़ने की कार्यवाहियाँ की जा रही हैँ। किसी भी विकास कार्य में सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह लोगों को उजाड़ने से पहले उनका पूनर्वास करें । केरल की वाम जनवादी मोर्चे की सरकार ने हर विकास कार्य में विस्थापन नीति के माध्यम से प्रभावितों को मुआवजा सुनिश्चित किया। वहाँ की राज्य सरकार ने एक राष्ट्रीय परियोजना में जनता को 5600करोड़ रुपया मुआवजा देना सुनिश्चित किया। आज यही विकल्प हमारी सरकारों को अपनाना चाहिए नहीं तो बड़े पैमाने पर इंसानियत खतरे में पड़ेगी।

उन्होंने कहा है कि सीपीएम सांसद आमराराम एवं बालाकृष्णन पहले ही प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर उक्त योजना पर आपत्ति जता चुके हैं ।इस अवसर पर नितिन मलेठा ,नुरैशा अंसारी, अल्ताफ मौहम्मद ,एस एस नेगी ,रंजन सोलंकी ,शम्भू प्रसाद ममगाई ,अम्बेडकर युवक संघ के अध्यक्ष दिले राम रवि ,नवनीत गुंसाई‌,डाक्टर सुनील ,,प्रेंमा, नरेन्द्र ,विजय भट्ट आदि ने सम्बोधित किया । सेमिनार का मूल प्रस्ताव डी ए वी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने रखा जिसे सर्वसम्मति पारित किया । सेमिनार का संचालन संयोजक अनन्त आकाश ने किया ।

 

यह सेमिनार डबल इन्जन सरकार द्वारा गरीब बस्तियों पर एक के बाद एक हमले‌ की कड़े शब्दों में निन्दा करता है ,सेमिनार रेखाकित करता है कि डबल इन्जन सरकार जो बड़े घरानों के हितों को मद्देनजर एलिवेटेड रोड़ जैसे भीमकाय योजनाओ को स्वीकृत कर रही है ,वहीं उत्तराखण्ङ हाईकोर्ट एवं एनजीटी में स्वयं सरकारी पक्ष दलील दे रहा है कि रिस्पना-बिन्दाल के इर्दगिर्द बाहरी लोगों ने अतिक्रमण कर दिया है तथा इस अतिक्रमण को हटाकर यहाँ नदी के बहावे को ठीक करना सरकार की प्राथमिकता है । आज न्यायालय के बाहर सरकार रिस्पना-बिन्दाल के ऊपर भीमकाय एलिवेटेड रोड़ के लिऐ बस्तियों को खाली करने के लिऐ लोगों पर दबाव बना रही है तथा हाईकोर्ट से लिये गये आदेश के दुरूपयोग करने के फिराक में है । जबकि ऐ सभी बस्तियां पिछले दो से पांच दशक पहले बसी हैं ,जबकि इन बस्तियों के मालिकाना हक के सवाल पर लोकसभा, विधानसभा तथा स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी को भारी बहुमत मिला था ,स्वयं राज्य के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय निकाय चुनाव में इन गरीब बस्तियों की जनता को आश्वस्त किया था कि उनकी बेदखली नहीं होगी तथा उनको मालिकाना हक मिलेगा मोदी जी की कई घोषणा कि तरह हि जुमला साबित हुई ।यह सब भाजपा एवं आर एस एस की बड़े लोगों की हितैषी कि नीतियों के तहत हो रहा है।

प्रमुख मुद्दे*

1. *रिस्पना-बिन्दाल एलिवेटेड रोड के लिए भूमि अधिग्रहण:* 7 मई 2025 से प्रभावी नोटिफिकेशन, मुख्यतः गरीब बस्तियों को लक्षित करता है, जबकि अमीरों और सरकारी सम्पत्तियों को छोड़ा गया है।

2. *गरीब परिवारों का उत्पीड़न:* पिछले दो वर्षों से प्रभावित गरीब परिवारों को बेदखली के लिए उत्पीड़ित किया जा रहा है।

3. *नोटिस और बेदखली:* सरकार द्वारा सैकड़ों नोटिस जारी कर बेदखली की तैयारी की जा रही है, किंतु मुआवजा और पुनर्वास से बचा जा रहा है।

4. *विस्थापितों के अधिकारों का हनन:* विस्थापितों को सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों (उचित मुआवजा, पुनर्वास और नागरिक सुविधाओं का अधिकार) से वंचित रखा जा रहा है।

5. *अधिनियम का उल्लंघन:* 2016 के अधिनियम का उल्लंघन करते हुए बिना पुनर्वास योजना के विस्थापन की साजिश चल रही है।

*बस्ती बचाओ आंदोलन का यह सेमिनार घोषणा करता है कि :-

 

– *सरकार द्वारा विस्थापन तभी हो जब सरकार प्रभावितों को पूर्ण मुआवजा और पुनर्वास,नागरिक सुविधाऐं व रोजगार प्रदान करे।*

सेमिनार निर्णय लिया है कि ;-

_रिस्पना-बिन्दाल एलिवेटेड रोड परियोजना के कारण प्रभावित हो रहे गरीब परिवारों के मुद्दों पर चर्चा करना और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरन्तर उन्हें एकजुट करना ।

आवाज पर आंदोलन करना, मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण नई दिल्ली तथा हाईकोर्ट उत्तराखंड नैनीताल में पहल करना शामिल है।_

इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाधर नौटियाल ,शिवप्रसाद देवली ,पूर्व प्रमुख राजेन्द्र पुरोहित ,भगवन्तं पयार ,तन्मय ममगांई ,रोशन मौर्य, शैलेन्द्र परमार , हिमान्शु चौहान ,भगवन्तं पयाल , दलजीत सिंह ,अदनान ,राजेन्द्र सिंह नेगी ,महेन्द्र जखमोला , शबनम‌,माला ,विप्लव अनन्त , अय्याज ,कनिका , डॉ अनिल कुमार बौद्ध श्रीमती बागेश्वरी , श्रीमती कमलेश ,सुनील कुमार , परविंदर ,बच्चन सिंह राणा , मुरारी सिंह , गगन गर्ग ,चेतन कुमार ,प्रदीप कुमार ,अमन कुमार‌ चिन्तन सकलानि,सुरेशि नेगि ,पंकज शर्मा ,इन्दु ,चांद ,आदि बड़ी संख्या में बस्तीवासी उपस्थित थे ।

इस अवसर पर बीजू कृष्णन ने शौर्य चक्र बिजेता 93 बर्षिय सुबेदार बागसिंह का बुके देकर सम्मान किया ।

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