
देहरादून : सत्ता पक्ष द्वारा स्थानीय निकायों पर कब्जा जमाने की नीयत के चलते बड़ी संख्या में विरोधी मतों एवं अल्पसंख्यकों के बड़े हिस्से को मतदाता सूची से बाहर करने की साजिश के तहत भारी अव्यवस्थाओं के बीच मतदान सम्पन्न कराने की विभिन्न दलों एवं सामाजिक संगठनों के कडे़ शब्दों में निन्दा की जिनमें सीपीआईएम, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उक्रान्द, आजाद समाज पार्टी राष्ट्रीय उत्तराखण्ड पार्टी ,उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद ,उत्तराखण्ड पीपुल्स फोरम ,संयुक्त टेड यूनियन ,सीआईटीयू, एटक, इन्टक ,इफ्टू ,छात्र नौजवान, अधिवक्ता तथा महिला संगठनों के लोग शामिल हैं ।
सीपीआईएम के सचिव अनन्त आकाश, बसपा के जिलाध्यक्ष दिग्बिजय सिंह माथुर, यूकेडी की केन्द्रीय उपाध्यक्ष प्रमिला रावत, राष्ट्रीय उत्तराखण्ड पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष नवनीत गुंसाई, आजाद समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष उमेंशकुमार, जनवादी महिला समिति की जिलाध्यक्ष नुरैशा अंसारी, भीम आर्मी के अध्यक्ष आजम खान, उत्तराखण्ड पीपुल्स फोरम के अध्यक्ष जयकृत कण्डवाल, सीटू के प्रदेश सचिव लेखराज, एटक प्रदेश महासचिव अशोक शर्मा, इन्टक के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार ने विज्ञप्ति जारी करते हुये है कि बार बार शिकायत करने के बावजूद भी सत्ता पक्ष द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन तथा त्रुटिपूर्ण मतदाता सूचियों में सुधार नहीं किया जिसकारण निकाय चुनाव में अन्त भारी अव्यस्थाऐं बनी रही।

