
नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज दो राज्यों के राज्यपाल और एक केंद्रशासित प्रदेश के उपराज्यपाल की नियुक्ति कर दी है. प्रोफेसर असीम कुमार घोष को हरियाणा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
असीम कुमार घोष बने हरियाणा के राज्यपाल : प्रोफेसर असीम कुमार घोष को हरियाणा के नए राज्यपाल की जिम्मेदारी दी गई है. वे हरियाणा के मौजूदा राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय की जगह लेंगे. प्रोफेसर असीम कुमार घोष हरियाणा के 19वें राज्यपाल होंगे. वे साल 1999 से 2002 तक पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. प्रोफेसर असीम कुमार घोष पश्चिम बंगाल के हावड़ा के रहने वाले है।
असीम कुमार घोष साल 2023 में हावड़ा लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर उपचुनाव भी लड़ चुके हैं. हालांकि उन्हें इस उपचुनाव में जीत हासिल नहीं हुई थी.पश्चिम बंगाल में संघ और बीजेपी की जड़ों को मज़बूत करने में असीम कुमार घोष की अहम भूमिका बताई जाती है. वे अभी पश्चिम बंगाल में पार्टी के मार्गदर्शक मंडल में थे।
हरियाणा में राज्यपाल का सबसे लंबा रिकॉर्ड : प्रोफेसर असीम कुमार घोष हरियाणा के ऐसे तीसरे राज्यपाल होंगे जिनका नाता पश्चिम बंगाल राज्य से है. उनसे पहले पूर्व राज्यपाल बीरेंद्र नारायण चक्रवर्ती और हरी आनंद बरारी भी पश्चिम बंगाल से थे।
हरियाणा में राज्यपाल के तौर पर सबसे लंबा रिकॉर्ड बीरेंद्र नारायण चक्रवर्ती के नाम रहा है. वे 15 सितंबर 1967 से 26 मार्च 1976 तक हरियाणा के राज्यपाल रहे. वहीं अगर हरियाणा में राज्यपाल के सबसे छोटे कार्यकाल की बात करें तो ये ओम प्रकाश वर्मा के नाम दर्ज है. वे 2 जुलाई 2004 से 7 जुलाई 2004 तक मात्र 6 दिन के लिए राज्यपाल रहे थे।
बंडारू दत्तात्रेय को जानिए : वहीं अगर बंडारू दत्तात्रेय की बात करें तो वे हरियाणा के 18वें राज्यपाल हैं. वे साल 2021 से हरियाणा राज्य के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. साथ ही बंडारू दत्तात्रेय हिमाचल प्रदेश के भी राज्यपाल रह चुके थे. इससे पहले वे साल 2014 से 2019 तक तेलंगाना के सिकंदराबाद से लोकसभा के सदस्य रह चुके है।
अशोक गजपति राजू होंगे गोवा के राज्यपाल : वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू को गोवा का राज्यपाल और जम्मू कश्मीर से बीजेपी के नेता कविंदर गुप्ता को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति मुर्मू ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल पद से ब्रिगेडियर बी.डी. मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
