तांत्रिक के चक्कर में दोस्तों ने दोस्त की बलि दी।

गाजियाबाद : थाना ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में नवीन की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने पवन और सागर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सिलेंडर से पीट कर नवीन की हत्या की गई थी, जिसके बाद शव को ऑटो में रखकर ट्रॉनिका सिटी इंडस्ट्रियल एरिया में जला दिया गया था. गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने ऑटो भी बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक, पवन, सागर, नसीम और मृतक नवीन आपस में दोस्त थे. नवीन ने अपने तीनों दोस्तों को बताया था कि दिल्ली में वह एक तांत्रिक को जानता है, जो मालामाल बना देगा. नवीन तीनों दोस्तों को अपने साथ तांत्रिक के यहां ले गया. तांत्रिक ने बताया था कि यदि तुम अपने किसी नजदीकी व्यक्ति की बलि दोंगे तो तुम मालामाल बन सकते हो. इसी बीच नवीन ने तांत्रिक से पूछा की क्या अपने दोस्त की बलि दी जा सकती है. तांत्रिक ने जवाब दिया कि किसी की भी बलि दी जा सकती है लेकिन वह नजदीकी व्यक्ति होना चाहिए।
गाजियाबाद इंडस्ट्रियल एरिया हत्या मामला: दिल्ली में तांत्रिक से मुलाकात के बाद चारों दोस्त वापस गाजियाबाद लौटते हैं. पवन, सागर और नसीम मृतक नवीन को सागर के कमरे पर पार्टी करने के लिए बुलाते हैं. चारों साथ में बैठकर शराब पीते हैं. इसी बीच आपस में लड़ाई हो जाती है. तीनों दोस्त कमरे में रखे सिलेंडर से नवीन के सर और पीठ पर वार करते हैं, जिससे नवीन की मौके पर ही मौत हो जाती है. रजाई और कंबल में लपेटकर नवीन के शव को तीनों ने ऑटो में रखा. ऑटो को ट्रॉनिका सिटी स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में ले गए और आग लगा दी. इसके बाद नसीम के ऑटो में बैठकर तीनों दोस्त मौके से फरार हो गए।
साजिश: तांत्रिक से मुलाकात के के दौरान नवीन ने तांत्रिक से सवाल पूछा था कि क्या दोस्त की बलि दी जा सकती है. नवीन, सागर और नसीम को डर था कि कहीं नवीन उनकी बलि ना दे दे. मिली जानकारी के मुताबिक, सागर और पवन मूल रूप से बागपत का रहने वाला है. जबकि नसीम गाजियाबाद का निवासी है. 15 जनवरी को ऑटो में नवीन का जला हुआ शव मिला था. 16 जनवरी 2026 मृतक नवीन के भाई नितिन द्वारा थाना टोनिका सिटी में इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
“सर्विलांस टीम ग्रामीण जोन और थाना टॉनिक का सिटी पुलिस द्वारा मामले का खुलासा करते हुए पवन और सागर को गिरफ्तार किया गया है. तीसरा आरोपी नसीम फरार चल रहा है. जिसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई है. सीसीटीवी फुटेज और ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से पुलिस पवन और सागर तक पहुंची. घटना में प्रयोग किया गया सिलेंडर और ऑटो भी बरामद किया गया है.” – सिद्धार्थ गौतम, ACP लोनी, गाजियाबाद।


