
देहरादून : उत्तराखंड की राजनीति और कांग्रेस पार्टी में पिछले कुछ घंटों से चल रही हलचल पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बड़ा बयान दिया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए पद छोड़ने की पेशकश करने के कुछ घंटे बाद रावत ने अपना रुख बदल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस पार्टी से उनके त्यागपत्र देने की खबरें पूरी तरह से गलत है, खून और हड्डियों में बसी है कांग्रेस’ हरीश रावत ने अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा कि मीडिया के कुछ हिस्सों में यह गलत समाचार चलाया जा रहा है कि मैंने कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि, “कांग्रेस पार्टी की सदस्यता उनके खून और हड्डियों में बसी हुई है, रावत ने कहा कि आज वह जो कुछ भी हैं कांग्रेस की बदौलत हैं और यह पार्टी उनके साथ स्वर्ग तक जाएगी।”अगर आरोप सच हैं तो लज्जित महसूस करूंगा’
इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स (X) पर लंबी पोस्ट लिखी थी, अपनी पोस्ट में रावत ने कहा था कि टीवी पर खबरें चल रही हैं कि मेरे सहयोगी के घर से बड़ी मात्रा में कैश और जूलरी मिली है। इसकी सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।
उन्होंने कहा कि चंदन सिंह जीना उनके OSD रहे हैं। अगर OMR शीट के साथ छेड़छाड़ या फिर ग्राम सेवक भर्ती परीक्षा में कोई भी गड़बड़ी के सबूत उनके खिलाफ पाए जाते हैं तो यह मेरे लिए शर्मिंदगी की बात होगी, उन्होंने यह भी कहा कि जीना पर लगे आरोपों पर उन्हें भरोसा नहीं है।
उत्तराखंड चुनाव से पहले नरेटिव बनाने की कोशिश’
उन्होंने लिखा, ‘उत्तराखंड के चुनाव में भारी स्टेक्स हैं। मुझसे जब भी कोई व्यक्ति पूछता था कि चुनाव कब हो रहे हैं? तो मैं हंसी में उनसे कहता था कि, “भई चुनाव तब होंगे, जब CBI मेरे दरवाजे पर दस्तक देने आएगी।” यदि अभी नहीं आई है तो इसका अर्थ है कि चुनाव अगले साल मार्च-अप्रैल में ही होंगे। लेकिन इस बार मेरे घर पर नहीं, मेरे एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक नरेटिव बनाने का प्रयास किया गया है। कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ लामबंद होकर लड़ रहे हैं।
राहुल गांधी जी राष्ट्रीय स्तर पर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा-प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। ऐसे समय में हरीश रावत के किसी भी कृत्य से यदि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी आती है, तो मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहूंगा।उत्तराखंड कांग्रेस का बड़ा चेहरा है, हरीश रावत उत्तराखंड कांग्रेस के कद्दावर और वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं हैं। 1980 में अल्मोड़ा से मुरली मनोहर जोशी जैसे दिग्गज नेता को हराकर संसद पहुंचने वाले रावत केंद्र में श्रम एवं रोजगार मंत्री भी रह चुके हैं।
वह तीन बार लोकसभा पहुंचे हैं और 2014 से 2017 के बीच अलग-अलग समय पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके है, फिलहाल वे प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य और AICC की वर्किंग कमेटी के सदस्य है, उनके इस्तीफे की पेशकश की खबर से सियासी गलियारों और कांग्रेस के भीतर हलचल तेज हो गई थी, हालांकि अब रावत ने साफ कर दिया है कि वह कांग्रेस पार्टी की सदस्यता छोड़ने नहीं जा रहे हैं।



