बसपा से निष्कासित होने पर इमरान मसूद ने क्यों कहा मायावती को धन्यवाद।

लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। नेताओं का एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। जहां केंद्रीय स्तर पर सभी राजनीतिक दल गठबंधन और गठजोड़ बनाने में जुड़े हुए हैं। वहीं पर स्थानीय स्तर पर भी जोड़-तोड़ चल रहे हैं। पिछले कई दिनों से सहारनपुर के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चाएं जोरों पर थी कि पूर्व विधायक और पश्चिम उत्तर प्रदेश में मजबूत मुस्लिम लीडर माने जाने वाले पूर्व विधायक इमरान मसूद बहुजन समाज पार्टी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं। हाल के दिनों में उन्होंने एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए भी कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी की खुलकर तारीफ कर की थी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि इमरान मसूद का बसपा से मोह भंग हो चुका है और वह कभी भी कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं। सियासी जानकारी को कहना है कि इमरान मसूद को कांग्रेस में जाने से पूर्व ही झटका देते हुए बसपा ने उनको पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
बहुजन समाज पार्टी द्वारा निष्कासित किए जाने को लेकर पत्रकारों से रूबरू हुए पूर्व विधायक इमरान मसूद का कहना था कि उन्हें यह जानकारी मीडिया कर्मियों से ही मिली है कि बसपा से उन्हें निष्कासित कर दिया गया है। इमरान मसूद ने कहा कि पहले बहन जी (मायावती) ने आशीर्वाद दिया था। इसके लिए उनका धन्यवाद। अब पार्टी से निष्कासित कर दिया है, इसके लिए भी धन्यवाद। एक सवाल का जवाब नहीं इमरान मसूद ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तारीफ करना अगर उनके निष्कासन किए जाने का कारण है तो यह बड़ा ही तुच्छ कारण है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तारीफ के लायक है और मैं उनकी हमेशा तारीफ की है। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर इमरान मसूद ने कहा कि वह अपने साथियों से बातचीत करने के बाद ही तय करेंगे कि आगे क्या कदम उठाना है।
2012 चुनाव से पूर्व टिकट वितरण को लेकर हुए मतभेद के चलते काजी परिवार ने एसपी छोड़ कर कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी। 2012 के चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ते हुए नकुल सीट से इमरान मसूद हार गए थे। तब से लगातार हर चुनाव में कई परिवार के उम्मीदवारों को हर का मुंह देखना पड़ रहा है। 2022 में कांग्रेस छोड़कर इमरान मसूद ने सपा ज्वाइन की थी, लेकिन अखिलेश यादव ने उन्हें टिकट नहीं दिया था और बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। 2022 में इमरान मसूद बहुजन समाज पार्टी में शामिल हुए थे और पिछले दिनों हुए निकाय चुनाव में उन्होंने अपनी समधन खदीजा मसूद को बसपा की टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ाया था जो कि भाजपा के डॉक्टर अजय सिंह से हार गई थी।

