संगठन की मजबूती हेतु बसपा में घर वापसी में कितनी सच्चाई।

लखनऊ : समाज यही चाहता था की बसपा के पूव नेताओं जिन्होंने अब तक कोई संगठन नहीं बनाया ना कोई किसी भी मनुवादी पार्टी में शामिल हुआ, उन सबकी बसपा में फिर से वापसी हो। आकाश आनंद के बाद जाटव नेता गिरीश चंद्र की पार्टी में वापसी के बाद से ऐसा लगता है कि बहुजन समाज पार्टी में घर वापसी का दौर चल रहा है। महाराष्ट्र में भी पुराने बसपाई वापसी के कगार पर खड़े है। इसमें महाराष्ट्र बसपा के पूर्व अध्यक्ष विलास गरुड, विदर्भ रिजन के पुर्व चुनाव प्रभारी डा. सुरेश माने सहित पश्चिम महाराष्ट्र, मराठवाडा के बसपा नेता, पदाधिकारी भी शामिल है। हालांकि सुरेश माने नें अपना नया संगठन बनाया था लेकिन उन्हें कोई सफलता हासिल नहीं हुई लेकिन कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखकर यह कहा जा सकता है कि सुरेश माने को फिर से बसपा में शामिल किया जा सकता है।
सच्चाई यह है कि आकाश आनंद और नगीना लोकसभा के पूर्व सांसद गिरीश चंद्र की वापसी के बाद क्या वास्तव में पश्चिमी यूपी के पूर्व बसपा नेताओं पर पार्टी की नजर है? बसपा से निकाले गए या छोड़कर गए कुछ नेता पार्टी में वापसी की राह देख रहे हैं। इसमें पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक भी शामिल हैं। पूर्व नेताओं की घर वापसी कर बसपा संगठन को मजबूत करना चाहती है। कभी पश्चिमी यूपी में पार्टी का चेहरा रहे पन्द्रह से अधिक पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और पदाधिकारी अब बसपा में नहीं हैं। कुछ को बहनजी ने अनुशासनहीनता का हवाला देकर पार्टी से निकाल दिया तो कुछ ने खुद ही पार्टी से किनारा कर लिया।
माफी मांगने पर पिछले दिनों भतीजे आकाश आनंद की बसपा में वापसी हो गई। इसके बाद पूर्व सांसद गिरीश चंद्र को दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया गया। यही नहीं, गिरीश चंद्र को बिजनौर और अमरोहा के मुख्य सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। वहीं चार माह पहले पार्टी से निकाले गए प्रमोद निरंकारी को फिर से रामपुर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। क्या वास्तव में बसपा संगठन को मजबूत करने के लिए काम करना शुरू कर दिया है? क्या वास्तव में पार्टी की नजर उन नेताओं पर है जो पूर्व में बसपा से जुड़े थे और किसी कारणवश पार्टी से निकाले गए या खुद ही पार्टी छोड़कर चले गए। ऐसे कुछ नेता पार्टी के संपर्क में भी हैं।
पार्टी से निकाले गए व छोड़ने वाले बसपाई – वीर सिंह, पूर्व राज्यसभा सांसद, दानिश अली (पूर्व सांसद, अमरोहा), मलूक नागर (पूर्व सांसद, बिजनौर), अकीलुर्रहमान (पूर्व मंत्री), अकबर हुसैन (पूर्व मंत्री), प्रशांत गौतम (पूर्व मंत्री), विजय यादव (पूर्व विधायक), दीपक कुमार (पूर्व विधायक), मोहम्मद गाजी (पूर्व विधायक, बढ़ापुर), सुबोध परासर (पूर्व एमएलसी) अशोक राणा (पूर्व विधायक) जगपाल (पूर्व विधायक), अनिल चौधरी (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, मुरादाबाद) फिजाउल्लाह चौधरी, (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष) आदि है।
संगठन से जुडे अधिकृत सुत्रों नें बताय की संगठन की मजबूती पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए अधिक संख्या में युवाओं को संगठन से जोड़ने का काम किया जा रहा है। साथ ही संगठन के पूर्व नेताओं से भी संपर्क साधा जा रहा है। प्रयागराज मण्डल में भी ऐसे सर्वसमाज के दर्जनों वरिष्ठ शुभचिंतक और समर्थक पूर्व में बसपा के कोआर्डिनेटर रहे लोगों को भी वर्तमान मण्डल की बाडी द्वारा कोई भी किसी प्रकार की वार्तालाप नहीं हुआ है।



