उत्तर प्रदेशराजनीति

बहुजनों के विकास के लिए सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करना जरूरी : मायावती।

बसपा सुप्रीमो ने कांशीराम को किया याद।

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी मुखिया व यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम की 91वीं जयंती पर उन्हें याद किया. कहा कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर उनके सपनों को पूरा करने के लिए बसपा दिन-रात जुटी हुई है. वहीं मायावती ने जाति आधारित जनगणना की मांग का भी समर्थन किया है।

बसपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि कांशीराम बहुजन समाज में गरीबी, बेरोजगारी, शोषण, अत्याचार, जातिवाद और सांप्रदायिक हिंसा को समाप्त करने के पक्षधर थे।

शनिवार की सुबह किए गए ट्वीट में मायावती ने लिखा है कि बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता व संस्थापक कांशीराम को आज उनके जन्मदिन पर बीएसपी द्वारा देशभर में शत-शत नमन माल्यार्पण, श्रद्धा सुमन अर्पित व उनके सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति मूवमेंट को तन मन धन से मजबूत बनाने के संकल्प के लिए सभी का तहे दिल से आभार।

बहुजन समाज को अपार गरीबी, बेरोजगारी, शोषण, अत्याचार, पिछड़ेपन, जातिवाद, सांप्रदायिक हिंसा व तनाव आदि से मुक्ति के लिए अपने कीमती वोट की ताकत को समझ कर अपना उद्धार स्वयं करने योग्य बनाने के लिए सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करना जरूरी है, यही आज के दिन का उच्च संदेश है।

उन्होंने आगे लिखा कि यूपी की विशाल आबादी को अनुभव है कि बीएसपी का आयरन लेडी नेतृत्व कथनी में कम और करनी में ज्यादा विश्वास रखता है. अपने शासनकाल में बहुजनों के सर्वांगीण विकास करके उनके लिए काफी अच्छे दिन लाकर दिखाए भी हैं. जबकि दूसरी पार्टियों की सरकार की अधिकतर बातें व दावे हवा-हवाई व छलावा है।

बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की 91वीं जयंती पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने जाति जनगणना को आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बताई है. कांशीराम के मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद मीडिया में जारी बयान में उन्होंने कहा है कि देश और समाज के समग्र विकास को नई सही दिशा और नीति देने के लिए जाति जनगणना के भी महत्व से आज इनकार नहीं किया जा सकता है।

मायावती के इस बयान के बाद 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष को भाजपा की सरकार पर दबाव बढ़ाने में मदद मिलेगा. शनिवार को बसपा सुप्रीमो ने मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल पहुंचकर कांशीराम के मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया. इसके अलावा यूपी के बाकी सभी 14 मंडलों के बीएसपी के लोगों ने अपने-अपने जिले मंडलों में कांशीराम जयंती पर विचार और संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया.

मायावती ने जाति जनगणना के महत्व को बताते हुए कहा कि इसके प्रति अपेक्षित गंभीरता निभाने के लिए सरकार को उचित कदम जल्द से जल्द उठाना चाहिए. बसपा सुप्रीमो ने कहा कि आज देश और प्रदेश में रोजी रोजगार के अभाव में लोगों के खाली हाथ व खाली दिमाग से देश हित काफी प्रभावित है।

उन्होंने कहा कि कांशीराम नगर जिले सहारनपुर में कई नाम से नए बनाए गए सरकारी अस्पताल का नाम बदलने के साथ ही लखनऊ में आईआईएम के पास स्थापित मान्यवर श्री कांशीराम जी उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय का नाम पहले सपा सरकार ने बदल डाला और फिर वर्तमान भाजपा सरकार ने उसके महत्व व उद्देश्य को लगभग समाप्त करते हुए उसे भाषा विश्वविद्यालय बना डाला।

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