बसपा सुप्रीमो ने संगठन की समीक्षा बैठक कर संगठन में किया बड़ा बदलाव।

लखनऊ/देहरादून : बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं और पूर्व सांसद मायावती ने आज उत्तराखण्ड राज्य में पार्टी संगठन की समीक्षा बैठक में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने राज्य में पार्टी की गतिविधियों, संगठन की स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया। बहन मायावती ने कार्यकर्ताओं को तन, मन और धन से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।
बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने के लिए जुझारू और मिशनरी कार्यकर्ताओं, विशेष रूप से युवाओं को संगठन में सम्मानजनक स्थान देकर सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी बीएसपी को मजबूत विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने के लिए व्यापक संगठनात्मक सुधार जरूरी हैं और इस दिशा में आवश्यकता पड़ने पर कमेटियों में बदलाव भी किए जाएंगे।
मायावती ने कहा कि स्थानीय जनता की समस्याओं को सुनना और सरकारी उपेक्षा को उजागर करना पार्टी की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि जनता यह महसूस कर सके कि उनके साथ खड़े होने वाला कोई राजनीतिक विकल्प है जो “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की नीति पर काम करता है।
बैठक में प्राप्त फीडबैक के आधार पर उन्होंने उत्तराखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित उत्तराखंड सरकार महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं जैसे मुद्दों पर विफल रही है। सरकार जनहित के मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए धर्म और संकीर्ण राजनीति का सहारा ले रही है। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और अदालत में सरकार की विफलताओं की ओर इशारा करते हुए उन्होंने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने कहा कि राज्य में मजारों और मदरसों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों पर कोर्ट की टिप्पणी यह साबित करती है कि सरकार का रवैया पक्षपातपूर्ण और द्वेषपूर्ण रहा है, जिसे रोका जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश, पंजाब और अब उत्तराखंड में भी आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बहन मायावती ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम जी के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष को और तेज़ करें। उन्होंने कहा कि सत्ता की “मास्टर चाबी” हासिल किए बिना बहुजन समाज का सही और स्थायी उत्थान संभव नहीं है।
उत्तराखण्ड राज्य यूनिट के संशोधित पदाधिकारिय की सूची निम्नवत है :-
प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखंड अमरजीत सिंह (हरिद्वार), प्रदेश उपाध्यक्ष पवन पाल (हरिद्वार), प्रदेश महासचिव बी. आर. धोनी (अल्मोड़ा), प्रदेश महासचिव नन्द गोपाल गौतम (नैनीताल), प्रदेश महासचिव राजदीप मैनवाल (हरिद्वार), प्रदेश महासचिव रतिराम (हरिद्वार), प्रदेश महासचिव संजय खत्री (टिहरी गढ़वाल), प्रदेश महासचिव सत्येन्द्र सिंह (टिहरी गढ़वाल), प्रदेश सचिव भुवन चन्द्र आर्य (नैनीताल), प्रदेश सचिव नारायण राम (अल्मोड़ा), प्रदेश सचिव धीर सिंह विष्ठ (पौड़ी गढ़वाल), प्रदेश सचिव डा. मनीराम (पौड़ी गढ़वाल), कोषाध्यक्ष सूरजमल (हरिद्वार), कार्यकारिणी सदस्य शिवम कश्यप (हरिद्वार), कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया है।
अनिल कुमार को देहरादून का जिलाध्यक्ष हरिद्वार का जिला अध्यक्ष मदन पाल एवं जिला अध्यक्ष उधम सिंह नगर विनोद गौतम को बनाया गया एवं जिला एवं विधानसभा की संपूर्ण कमेटिया भंग की गई है।

