उत्तराखंडगढ़वालदेहरादून

इन्वेस्टर समिट की आढ़ में गरीबों ‌को उजाड़ना बन्द करे सरकार।

देहरादून : विपक्षी राजनैतिक पार्टियों एवं जनसंगठनों सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई (माले), आयूपी ,सपा, सीआईटीयू, एटक, उत्तराखण्ड पीपुल्स फ्रन्ट, नेताजी संघर्ष समिति, उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी परिषद, जनवादी महिला समिति, एस एफ आई, एआईएलयू, किसान सभा, चेतना आन्दोलन आदि अनेक संगठनों ने इन्वैस्टर समिट के नाम पर पिछले कई दिनों से फुटपाथ व्यवसायियों तथा गरीबों को हटाने तथा उनका व्यवसाय चौपट करने की कड़े शब्दों कि निन्दा कि है तथा कहा है कि सौन्दर्यीकरण केवल कुछ क्षेत्रों में करवाकर अधिकांश‌ आबादी क्षेत्र को छोड़ दिया है।

देहरादून कि लगभग 55 प्रतिशत आबादी मलिन बस्तियों में निवास कर रही है, जहाँ बुनियादी सुविधाऐं नहीं है, अगर सरकार की जन पक्षीय नीति होती तो सभी जगह का ध्यान रखा जाता किन्तु ऐसा नहीं किया तथा जनता की गाडी कमाई का पैसा इस तरह नहीं लुटाती ,उन्होंने कहा है कि डबल‌ इन्जन सरकार उत्तराखण्ड को‌ बड़े पूंजीवादी घरानों ‌को‌ बेचने का मन बना चुकी है जिसका जोरदार विरोध ‌किया जाऐगा ।

विज्ञप्ति जारी करने वाले में सीपीआई के गिरधर पण्डित, सीपीआई (एम) के नेता राजेन्द्र सिंह नेगी, अनन्त आकाश, सिपिआई (माले) के नेता इन्द्रेश मैखुरी, सीआईटीयू के लेखराज, आयूपी के नवनीत ग़ुंसाई, एटक के अशोक शर्मा, आन्दोलनकारी परिषद के सुरेश कुमार, बैंक के नेता एस एस रजवार, सपा अतुल शर्मा, हेमा बोरा, गुड्डी, पीपुल्स फ्रन्ट के जयकृत कण्डवाल, इफ्टा के हरिओम पालि, जनवादी महिला समिति की इन्दु नौडियाल ,किसान नेता सुरेन्द्र सजवाण, एस एफ आई के नेता हिमान्शु चौहान, एआईएलयू के शम्भुप्रसाद ममगाई, कर्मचारी नेता एस एस नेगी, बुद्धि सिंह चौहान, जेडीएस के हरजिन्दर सिंह, चेतना आन्दोलन के शंकर गोपाल, मंजूर अहमद, रविंद्र नौडियाल सहित आदि लोग शामिल है ।

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