
देहरादून : प्रभावितों की समस्या को लेकर आज एक प्रतिनिधिमण्डल आज मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी से मिलकर उन्हें प्रभावितों की समस्या पर चर्चा की तथा उनसे अनुरोध किया कि बस्तीवासियों को कागज जमा करने के लिऐ और समय दिया जाऐ क्योंकि अभी बड़ी संख्या में प्रभावितों द्वारा सबूत जमा नहीं कराये हैं ।
प्रतिनिधि मण्डल ने उपाध्यक्ष जी अनुरोध किया कि साक्ष्यों का समुचित परीक्षण करना जरूरी है ताकि किसी भी प्रभावित के साथ अन्याय न हो ।प्रतिनिधिमण्डल ने पुर्नवास नीति बनाये जाने तथा प्रभावितों का पुर्नवास करने के एमडीडीए के विचार का स्वागत किया ।प्रतिनिधिमंडल में सीपीएम सचिव अनन्त आकाश ,सीआईटीयू महामंत्री लेखराज ,चेतना आन्दोलन के सहसंयोजक शंकर गोपाल आदि शामिल थे ।इस बीच प्रभावितों की आमसभा कांठ बांग्ला के लोहे के पुल पर मज़दूर बस्ती में रहने वाले लोगों द्वारा आयोजित जन सभा में सैकड़ों बस्तियों के निवासी इकट्ठे हो कर संकल्प लिया कि जो उनको बेघर होने के समय में साथ नहीं देंगे, उनको वह न साथ देंगे और न वोट देंगे।
बस्तियों की और से आये हुए लोगों ने आक्रोश जता कर बोला कि जब केंद्र और राज्य सरकार करोड़ों घरों को देने का वादा कर रही हैं, उनको न घर मिल रहा है और न मालिकाना हक़ मिल रहा है। उल्टा उनको बेघर किया जा रहा है। कंडोली की किरण ने सवाल उठायी कि अगर अतिक्रमण और नदी का सवाल है सिर्फ बस्ती वालों को क्यों निशाना बनाया जा रहा है जबकि उसी पूल से बड़े फ्लैट, होटल और अन्य बिल्डिंग दिखती है जो बीच नदी में बनी है? सरकार कौन सा चश्मा पहनी है जिसमें सिर्फ गरीब दीखते हैं? बस्ती के निवासियों के समर्थन में सीटू के जिला महामन्त्री लेखराज और चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल ने भी सभा को सम्बोधित किया और बताया कि उनके संगठन इस बेघर करने का अभियान का लगातार विरोध कर रहे हैं। सभा में नरेंद्र, अमित, सुनीता, नासिर, किरण, प्रेमा, देवेंद्र, और सैकड़ों अन्य लोग शामिल रहे।



