
देहरादून/उत्तरकाशी : राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड द्वारा मसीही ध्यान केंद्र में गढ़वाल मंडल के शिक्षकों का तीन दिवसीय कौशलम प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में राइका मरोड़ा (सकलाना) से पहुंचे पर्यावरणविद् वृक्षमित्र डॉ त्रिलोक चंद्र सोनी के सौजन्य से प्रशिक्षण के अंतिम दिवस पर उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई प्राकृतिक दैवीय आपदा में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन व मोमबत्ती प्रज्ज्वलित कर श्रद्धांजलि दी गई और उनकी स्मृति में पौधारोपण भी किया गया।
डॉक्टर सोनी ने कहां उत्तरकाशी के धराली में आई दैवीय आपदा से दिल क्षुब्त है अत्यन्त दुःखत घटना हैं उस आपदा में दिवंगत आत्माओं के लिए मेरे द्वारा अपने साथी शिक्षक शिक्षिकाओं, संदर्भ दाताओं तथा एससीईआरटी के सहायक निदेशक कृष्णानंद बिजल्वाण, राज्य समन्वयक सुनील भट्ट के साथ मोमबत्ती प्रज्ज्वलित कर दिवंगत आत्माओं को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई और आपदा में दिवंगत लोगों की स्मृति में पौधों का रोपड़ किया गया। कहां यहीं मेरी उन मृत्य आत्माओं के लिए सच्ची श्रद्धांजलि हैं। राशिसं टिहरी के जिलाध्यक्ष दिलबर रावत ने वृक्षमित्र डॉ सोनी के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहां ऐसा सोचना भी बहुत बड़ी बात है आज लोगो के पास समय नहीं है वहीं डॉ सोनी मोमबत्ती व पौधों की व्यस्था करके लाए जिसमे सभी लोगो ने प्रतिभाग किया। एससीईआरटी के सहायक निदेशक कृष्णानंद बिजल्वाण ने अपने संबोधन में कहां कौशलम प्रशिक्षण का लाभ हर विद्यालय तक पहुंचे और उद्यमशीलता के लिए छात्रों को सक्षम बनाएंगे। कार्यक्रम में डॉ मनोज कुमार शुक्ला, श्रुति कुकरेती, आशीष कुड़ियाल, प्रदीप सकलानी, डॉ डौली आर्या, कविता इष्टवाल, प्रमोद कुमार, महेंद्रदत्त बंगवाल, दिव्या जोशी, सुवृतिका नेगी, रविंद्र रावत, केशव मोहन बिजल्वाण, प्रमोद बिजल्वाण आदि उपस्थित थे।



