
देहरादून : उत्तराखंड क्रांति दल के 46 वें स्थापना दिवस पर सम्मान समारोह के माध्यम से वरिष्ठतम नेताओं तथा दिवंगत नेताओं के परिवारों को दल के केन्द्रीय अध्यक्ष पूरणसिंह कठैत द्वारा प्रतीक चिन्ह व शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कठैत नें कहा कि दल के निर्माण के 45 वर्ष पूर्ण होकर 46 साल में प्रवेश कर चूका है। पुराने वरिष्ठ नेतागणों व वो शख्सयतें जो दिवंगत हो चुके है उनके बदौलत राज्य बना है, हम आज उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता, दल पुराने नेतागणों के आदर्शो पर हमें चलना होगा। आज नये संकल्प के साथ संगठन कि मजबूती के लिए पुरजोर तरीके से जनता के बीच जाना होगा।
इस अवसर पर दल के दिवंगत नेताओं में स्वo गोविन्द राम ध्यानी, स्वo वेद उनियाल, स्वo प्रोफेसर ए एस शर्मा,स्वo रामानंद डंगवाल, स्वo राम कृष्ण पंत, स्वo कमला काला, स्वo ओम प्रकाश बहुगुणा, स्वo दिनेश बडोला, स्वo हरीश पाठक के परिवारों को सम्मानित किया गया।
वरिष्ठतम नेताओं में संस्थापक सदस्य कृपाल सिंह सरोज, ओमी उनियाल, गीता बिष्ट, पुष्पलता सिलमाना, देवी व्यास, लताफत हुसैन, रिटायर प्रिंसिपल प्रकाश सुयाल,जय प्रकाश उत्तराखंडी, वीर चंद रमोला, सरिता गौड़, विमल पोखरियाल, बेबी भट्टाचार्य को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन केन्द्रीय महामंत्री मनोरथ प्रसाद ध्यानी ने किया। इस दौरान शांति भट्ट, जय प्रकाश उपाध्याय,बहादुर सिंह रावत, प्रताप सिंह कुंवर, विजय बौडाई, कर्नल सुनील कोटनाला,ब्रिज मोहन सजवाण, राजेंद्र बिष्ट, बिजेंद्र सिंह रावत,प्रमिला रावत,सुशील ममगाई,किरण रावत,बी पी भट्ट अशोक नेगी, दीपक रावत, अनिल थपलियाल, राजेश ध्यानी,महिपाल पुंडीर, विपिन रावत, डी डी पंत, टीकम राठौर,नैना लखेड़ा, मंजू कालड़ा, उषा चौहान, शशि बंगवाल, सरस्वती बडोला, उषा रमोला, आशा शर्मा, रीता क्षेत्री,उमेश इष्टवाल राकेश जुयाल, गणेश काला, आशुतोष नेगी, अतुल बेंजवाल, प्रांजल नौडियाल, आदि थे।


