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I.N.D.I.A में एक ही दिन में प्रधानमंत्री पद के तीन उम्मीदवार।

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मुंबई : 31 अगस्त और एक सितंबर को विपक्षी गठबंधन INDIA की बैठक से पहले गठबंधन की ओर से पीएम पद के दावेदार के तौर पर तीन नाम सामने आए हैं. सबसे पहले आम आदमी पार्टी की ओर से दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को विपक्ष का पीएम पद का उम्मीदवार बनाने की मांग उठी. लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे को भी पीएम पद का दावेदार बनाए जाने की मांगें उठने लगी। अखिलेश विपक्षी गठबंधन के पीएम पद के योग्य दावेदार समाजवादी पार्टी की नेता जूही सिंह ने कहा कि हम चाहते हैं कि अखिलेश यादव विपक्षी गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री उम्मीदवारों के चेहरों में से एक हो. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पीएम पद का चेहरा हों, सपा का हर कार्यकर्ता क्यों नहीं चाहेगा कि उनके नेता प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे? अखिलेश के अदंर यह काबिलियत भी है. वह किसी न किसी दिन इस पद तक जरूर पहुंचेंगे. हालांकि, गठबंधन सामूहिक तौर पर इस पर फैसला लेगा. जूही सिंह ने कहा कि हर दल कह रहा है कि उनका नेता पीएम बने. इसी तरह समाजवादी पार्टी भी चाहेगी कि अखिलेश भी पीएम उम्मीदवार हो सकते हैं. लेकिन गठबंधन तानाशाही नहीं है, हम मिलकर तय करेंगे।

शिवसेना यूबीटी की तरफ से उद्धव ठाकरे का नाम

शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि अगर कोई मुझसे पूछेगा तो मैं कहूंगी कि उद्धव ठाकरे को इंडिया गठबंधन की ओर से पीएम पद के उम्मीदवारों में से एक होना चाहिए. एक तरफ बीजेपी है, जो डर में सिर्फ एक ही नाम ले सकती है. अगर गलती से नितिन गडकरी का नाम सामने आ गया तो उनका करियर खत्म हो जाएगा.उ न्होंने कहा कि दूसरी तरफ हम हैं, इस बैठक में छह मुख्यमंत्री एक साथ आ रहे हैं. वरिष्ठ नेता एकजुट हो रहे हैं. हमने काम किया है और लोगों का समर्थन हमारे साथ है. हमारे पास ऐसा नेतृत्व है, जहां लोग सार्वजनिक तौर पर नाम ले सकते है।

केजरीवाल भी पीएम पद के दावेदार

विपक्षी गठबंधन INDIA की मुंबई में होने वाली बैठक से पहले आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को विपक्ष का पीएम पद का उम्मीदवार बनाने की मांग रख दी है. आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कर ने कहा कि अगर आप मुझसे पूछें तो मैं चाहूंगी कि अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनें. इतनी कमरतोड़ महंगाई में भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महंगाई सबसे कम है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में फ्री पानी, फ्री बिजली, फ्री शिक्षा, महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा, बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा की सुविधा दी जा रही है. इसके बावजूद सरप्लस बजट पेश किया गया. कक्कर ने कहा, केजरीवाल लगातार लोगों के मुद्दे उठाते रहे हैं और वे पीएम मोदी के खिलाफ चुनौती देने वाले के तौर पर उभरे हैं. उन्होंने मुखर तौर पर अपनी बात रखी है।

पीएम पद के लिए इंडिया गठंबधन में शामिल नहीं हुए: राघव चड्ढा

हालांकि, आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी पीएम पद के लिए इंडिया गठबंधन में शामिल नहीं हुई है.अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में नहीं है. हम बेहतर भारत के ब्लूप्रिंट और बेरोजगारी, महंगाई की बेड़ियों से देश को आजाद कराने के लिए इंडिया गठबंधन में शामिल हुए हैं.

नीतीश कुमार का नाम भी चर्चा में

मुंबई में विपक्षी गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक से पहले गठबंधन की ओर से धड़ाधड़ पीएम पद के दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं. इनमें जेडीयू के अध्यक्ष नीतिश कुमार का नाम भी शामिल हैं. बिहार के मंत्री सुनील कुमार ने विपक्षी गठबंधन की ओर से पीएम पद के दावेदार के तौर पर नीतिश कुमार का नाम सुझाया है. बता दें कि इंडिया गठबंधन की तीसरी बैठक 31 अगस्त और एक सितंबर को मुंबई में होगी. इससे पहले गठबंधन की जून महीने में पहली बैठक पटना में और जुलाई में दूसरी बैठक बेंगलुरु में हुई थी. इसी बैठक में विपक्षी गठबंधन को इंडिया नाम दिया गया था. दो बैठकों के बाद मुंबई की बैठक सबसे अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसमें गठबंधन के संयोजक से लेकर सीट बंटवारे तक तमाम अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

बैठक का ब्लूप्रिंट क्या होगा?

इंडिया गठबंधन की यह तीसरी बैठक होगी. इससे पहले पटना और बेगंलुरु में गठबंधन की बैठक हो चुकी है. इस दौरान गठबंधन के लोगो (LOGO) को पेश किया जाएगा. साथ ही गठबंधन के संयोजक या कोऑर्डिनेटर को भी चुना जाएगा. कहा जा रहा है कि कोऑर्डिनेश कमेटी पर भी मुहर लग सकती है. हालांकि एक पक्ष का यह मानना है कि कोऑर्डिनेशन कमेटी का चुनाव जल्दबाजी होगी. इसके अलावा दिल्ली में विपक्षी गठबंधन के हेड ऑफिस को लेकर चर्चा हो सकती है. गठबंधन में और दलों को साथ लाने पर भी चर्चा हो सकती है. गठबंधन के प्रवक्ताओं को लेकर चर्चा हो सकती है. भविष्य में होने वाली सामूहिक रैलियों और कार्यक्रमों से जुड़े मुद्दों का खाका तैयार किया जा सकता है. इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों पर भी रणनीति बन सकती है. साथ में सीट शेयरिंग को लेकर भी चर्चा हो सकती है।

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